युद्ध के बीच दुबई में महंगाई बढ़ गई है, इस मामले के कारण DET ने लोगों से अपील की है कि वे अपना शॉपिंग बिल संभाल कर रखें।
दुबई में किराने के सामान की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी ने आम लोगों की जेब पर बोझ डाल दिया है। सुपरमार्केट में खरीदारी करने वाले कई लोगों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में सब्जियों और फलों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। यह स्थिति रोजमर्रा के जीवन में परिवार के बजट को सीधे प्रभावित कर रही है।
इसी बीच दुबई की डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमी एंड टूरिज्म (DET) ने खरीदारों को एक अहम सलाह दी है। DET के डायरेक्टर अहमद अहली ने कहा, बिल आपकी बीमा पॉलिसी है, इसे संभालकर रखें। अगर कोई दुकानदार कीमत बदलता है, तो आपका पुराना बिल यह साबित करेगा कि कीमत कब और कितनी थी। इससे हम तुरंत कार्रवाई कर सकते हैं। यानी एक छोटी-सी पर्ची आपको बड़ी ठगी से बचा सकती है।
गहराई से समझें तो यह मामला सिर्फ उपभोक्ताओं का नहीं, बल्कि पूरे रिटेल सेक्टर का है। UAE के इकोनॉमी मंत्रालय ने 2025 की शुरुआत में एक नई प्राइसिंग पॉलिसी लागू की है, जिसके तहत नौ जरूरी वस्तुओं खाने का तेल, अंडे, डेयरी उत्पाद, चावल, चीनी, पोल्ट्री, दालें, ब्रेड और गेहूं की कीमतें बिना सरकारी मंजूरी के नहीं बढ़ाई जा सकतीं। इसका सीधा असर रिटेलर्स और सप्लाई चेन पर पड़ रहा है।
अर्थव्यवस्था मंत्री अब्दुल्ला बिन तौक अल मर्री ने कहा कि स्टोर और डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर में पर्याप्त स्टॉक है और सप्लाई चेन में कोई बाधा नहीं है। उन्होंने लोगों से जिम्मेदारी से खरीदारी करने और घबराहट में बल्क खरीद न करने की अपील की है।
दुबई कॉर्पोरेशन फॉर कंज्यूमर प्रोटेक्शन ने पुष्टि की है कि सुपरमार्केट, कोऑपरेटिव और किराने की दुकानों पर लगातार नजर रखे हुए है। इसमें शेल्फ पर लगे दाम, प्रमोशनल ऑफर और बिना सरकारी अनुमति के दाम बढ़ाने की जांच की जा रही है। यह कदम कारोबारी माहौल में पारदर्शिता लाने की कोशिश है।