दुबई के रियल एस्टेट डेवलपर्स भारतीय निवेशकों को लुभाने के लिए बॉलीवुड सितारों को ब्रांड एंबेसडर बना रहे हैं। बेहतर रिटर्न, टैक्स लाभ और आकर्षक योजनाएं दुबई को भारतीयों के लिए हॉटस्पॉट बना रही हैं।
Dubai Real Estate & Bollywood Stars: दुबई का रियल एस्टेट सेक्टर पिछले कुछ सालों में तेजी से उभरा है और अब वह भारतीय बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। पहले जहां भारतीय निवेशक केवल निवेश के उद्देश्य से प्रॉपर्टी खरीदते थे, वहीं अब एंड यूजर खरीदारों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। इसी रणनीति के तहत दुबई के प्रमुख डेवलपर्स ने बॉलीवुड सितारों को ब्रांड एंबेसडर बनाकर भारतीय निवेशकों और खरीदारों को आकर्षित करने की मुहिम शुरू की है।
दुबई की प्रमुख रियल एस्टेट कंपनी डैमेक प्रॉपर्टीज ने अपने प्रोजेक्ट्स के लिए रणबीर कपूर और आलिया भट्ट को ब्रांड एंबेसडर बनाया है। वहीं दानुब प्रॉपर्टीज ने शाहरुख खान को अपने साथ जोड़ा है और इम्तियाज डेवलपमेंट्स ने ऋतिक रोशन को अपने अभियानों का चेहरा बनाया है। कंपनियों का मानना है कि सेलिब्रिटीज को चेहरा बनाने से ब्रांड की विश्वसनीयता बढ़ने के साथ-साथ खरीदारों के साथ भावनात्मक जुड़ाव भी मजबूत होता है। भारतीय बाजार को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है, क्योंकि भारत दुबई के लिए तेजी से उभरता विदेशी बाजार बन चुका है।
दिल्ली और मुंबई की तुलना में दुबई में प्रॉपर्टी के निवेश पर रिटर्न काफी अधिक बताया जा रहा है। जहां भारत में एक करोड़ रुपये की संपत्ति पर मासिक किराया 25 हजार से 40 हजार रुपये तक है, वहीं दुबई में यह 70 हजार से 1.2 लाख रुपये तक पहुंच सकता है। दुबई में किराये पर टैक्स शून्य है, जबकि भारत में यह 30 प्रतिशत तक हो सकता है। सालाना रिटर्न भारत में 6 से 10 प्रतिशत के बीच है, जबकि दुबई में यह 16 प्रतिशत तक बताया जा रहा है। यही वजह है कि डेवलपर्स बॉलीवुड सितारों के जरिये भारतीयों को आकर्षित करने की कोशिश कर रहे हैं।
| विवरण | दिल्ली-मुंबई | दुबई |
|---|---|---|
| मासिक किराया | 25,000 – 40,000 रुपये | 70,000 – 1,20,000 रुपये |
| किराये पर टैक्स | 30% तक | 0% |
| सालाना रिटर्न | 6% – 10% | 16% तक |
| स्टाम्प ड्यूटी | 6% | 4% |
| लोन ब्याज दर | 8% – 9% | 4% |
| किराये का कुल रिटर्न | 2% – 4% | 8% – 12% |
डेवलपर्स के अनुसार भारत उन देशों में शामिल है जहां से दुबई में सबसे अधिक निवेश आ रहा है। टैक्स लाभ, विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतर रिटर्न और ग्लोबल कनेक्टिविटी भारतीय खरीदारों को आकर्षित कर रही है। आने वाले सालों में दुबई में तीन लाख से अधिक नई आवासीय इकाइयों की डिलीवरी की योजना है। भारतीय ग्राहकों के लिए विशेष भुगतान योजनाएं और प्रमोशनल ऑफर भी तैयार किए जा रहे हैं। इससे यह साफ है कि दुबई अब निवेश के अलावा रहने और बसने का विकल्प भी बन रहा है।