प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत ब्याज दर सब्सिडी योजना में नए सरकारी निर्देश जारी किए गए हैं, जिनके बाद मध्यम आय वर्ग वालों को घर खरीदने के लिए कर्ज लेने पर फायदा मिलेगा।
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत ब्याज दर सब्सिडी योजना में नए सरकारी निर्देश जारी किए गए हैं, जिनके बाद मध्यम आय वर्ग (यानी एमआईजी) वालों को घर खरीदने के लिए कर्ज (होम लोन) लेने पर फायदा मिलेगा। इस योजना की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए वर्ष की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम अपने संदेश में की थी। अब छह लाख रुपए से 18 लाख रुपए सालाना तक कमाने वाले लोग प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत पहला घर खरीदने पर होम लोन ब्याज में सब्सिडी के हकदार होंगे।
इस योजना का नाम क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम फॉर मिडिल इन्कम ग्रुप्स (सीएलएसएस-एमआईजी) रखा गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐलान किया था कि 12 लाख रुपए तक कमाने वालों को नौ लाख रुपए तक के होम लोन पर चार प्रतिशत की सब्सिडी दी जाएगी, और 18 लाख रुपए तक कमाने वालों को 12 लाख रुपए तक के होम लोन पर तीन फीसदी की सब्सिडी दी जाएगी। होम लोन के ब्याज पर सब्सिडी देने की यह योजना सरकार की 'सबके लिए घरÓ पहले का हिस्सा है, और इस योजना को शुरू में सिर्फ एक साल के लिए लागू किया जाएगा।
ये नियम
12 लाख कमाने वालों को 90 वर्गमीटर व 18 लाख आमदनी वालों को 110 वर्गमीटर का मकान बनाने या खरीदने पर ही सब्सिडी मिलेगी।
20 साल से ज्यादा से उससे कम 9 लाख के होम लोन पर 2.35 लाख की सब्सिडी, 12 लाख के लोन पर 2.30 लाख की ब्याज सब्सिडी मिलेगी।
पीएम आवास योजना : ब्याज सब्सिडी योजना की खास बातें...
ये आएंगे दायरे में
क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम फॉर मिडिल इन्कम ग्रुप्स (सीएलएसएस - एमआईजी) के तहत होम लोन के वे सभी आवेदन आएंगे, जो 1 जनवरी, 2017 से अब तक मंज़ूर हो चुके हैं, या विचाराधीन हैं। आवेदक के नाम से पहले से कोई घर नहीं होना चाहिए।
31 दिसंबर 2016 को पीएम ने स्कीम का ऐलान किया था, पर चुनाव आचार संहिता के चलते नोटिफाई नहीं हुआ था।
ये करना होगा
आवेदकों को सीएलएसएस - एमआईजी के तहत बैंक के पास आवेदन करना होगा।
सब्सिडी को नेशनल हाउसिंग बैंक, हाउसिंग एंड अर्बन डवलपमेंट कॉरपोरेशन सीधे ऋणदाता को देंगे। ऋणदाता इसके लिए कर्ज लेने वालों से कोई अतिरिक्त प्रोसेसिंग फीस नहीं ले सकेंगे।