सोना, चांदी और शेयर बाजार की अस्थिरता के बीच विशेषज्ञ पांच अहम निवेश टिप्स सुझा रहे हैं। इन टिप्स से सीख ली जा सकती है कि शुरुआत में निवेशकों को किन चीजों का ध्यान रखना चाहिए।
Expert Advice Investment Tips: हाल के महीनों में सोना, चांदी और शेयर बाजार में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। अलग-अलग एसेट क्लास में बढ़ती अस्थिरता ने छोटे निवेशकों को उलझन में डाल दिया है। ऐसे माहौल में एडलवाइस की सीईओ राधिका गुप्ता ने निवेश से पहले पांच बुनियादी बातों को समझने की सलाह दी, ताकि जोखिम कम हो और रिटर्न बेहतर मिल सके। आइए जानते हैं वे 5 टिप्स।
निवेश की शुरुआत करने से पहले फाइनेंशियल बेसिक्स समझना बेहद जरूरी है। बिना बुनियादी जानकारी के सीधे शेयर या चांदी खरीदना वैसा ही है जैसे बिना तैयारी के गहरे पानी में उतरना। निवेशक को ब्याज दर, जोखिम, रिटर्न, एसेट एलोकेशन और कंपाउंडिंग जैसे सिद्धांतों को समझना चाहिए। आज डिजिटल प्लेटफॉर्म और मोबाइल ऐप के जरिए जानकारी आसानी से उपलब्ध है, लेकिन समझदारी से निर्णय लेना जरूरी है। सही जानकारी निवेश को सुरक्षित और दीर्घकालिक रूप से लाभदायक बना सकती है।
हर निवेशक को अपना व्यक्तिगत इन्वेस्टमेंट स्टेटमेंट तैयार करना चाहिए। इसमें आय और खर्च, मौजूदा निवेश और देनदारियां, भविष्य के लक्ष्य और उनकी समयसीमा, साथ ही नुकसान सहने की क्षमता को स्पष्ट रूप से लिखना चाहिए। यह दस्तावेज निवेश की दिशा तय करता है और भावनात्मक फैसलों से बचाता है। जब बाजार में गिरावट आती है तो यही स्पष्ट योजना निवेशक को घबराने से रोकती है। फाइनेंशियल प्लानिंग का यह कदम लंबे समय में स्थिरता देता है।
अगर निवेश को लेकर भ्रम है तो किसी काबिल पर्सनल फाइनेंस प्रोफेशनल से सलाह लेना फायदेमंद हो सकता है। चाहे वह म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर हो या स्वतंत्र निवेश सलाहकार, विशेषज्ञ की राय जोखिम को संतुलित करने में मदद करती है। कई बार लोग दोस्तों या सोशल मीडिया की सलाह पर पैसा लगा देते हैं, जिससे नुकसान हो सकता है। बेहतर है कि दो-तीन विशेषज्ञों से बात कर भरोसेमंद व्यक्ति का चयन किया जाए। प्रोफेशनल गाइडेंस निवेश को अनुशासित बनाती है।
तेजी से मुनाफा कमाने की चाह में कई निवेशक जल्दबाजी में निर्णय ले लेते हैं। सीधे स्टॉक पोर्टफोलियो बनाना, अचानक चांदी खरीदना या ट्रेंड देखकर फंड चुनना हमेशा सही नहीं होता। जब तक निवेशक खुद सहज महसूस न करे, तब तक इंतजार करना बेहतर है। बाजार में अवसर बार बार आते हैं। धैर्य और अनुशासन से लिया गया फैसला ही स्थायी रिटर्न देता है।
अगर अब तक निवेश शुरू नहीं किया है तो देर न करें, लेकिन अगर पहले कुछ गलतियां हो चुकी हैं तो निराश होने की जरूरत नहीं है। हर निवेशक अपने अनुभव से सीखता है। नुकसान भी सीखने की प्रक्रिया का हिस्सा है। जरूरी है शांत रहकर विश्लेषण करना, रणनीति सुधारना और आगे बढ़ना। लगातार सीखने की मानसिकता ही सफल निवेश की पहचान है।