
Fall in stock market: भारतीय शेयर बाजार सप्ताह के दूसरे दिन भी गिरावट के साथ बंद हुआ। बाजार में ये लगातार गिरावट दिख रही है। आज सेंसेक्स 900 से अधिक अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ। आज सुबह भी भारतीय शेयर बाजार कमजोरी स्थिति में दिखा। जहां बाजार खुलते ही सेंसेक्स में 50 अंकों की गिरावट दिखी। वहीं, निफ्टी भी 24,800 के स्तर पर आ गया। बाजार की क्लोजिंग निफ़्टी में 309 अंक या 1.25 प्रतिसत की गिरावट दर्ज की गयी। जबकि सेंसेक्स 931 अंक या 1.14 टूटकर बंद हुआ। बाजार में आई भारी गिरावट की वजह से सेंसेक्स में लिस्टेड 30 कंपनीयों में से 29 कंपनीयों ने लाल निशान में क्लोजिंग दी है। अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में कमजोरी और निवेशकों की सतर्कता के चलते बाजार में यह गिरावट दर्ज की जा रही है। इसके साथ ही Hyundai के आईपीओ की लिस्टिंग को लेकर निवेशकों की उत्सुकता बनी हुई थी, जिसका असर बाजार की चाल पर भी दिखा।
मुंबई- बंबई स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स आज 930 अंकों की गिरावट के साथ 80,220 की गिरावट देखी गई है। दूसरी ओर, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी सूचकांक 24,500 के स्तर पर आ गया। शुरुआती कारोबार में बाजार ने थोड़ी मजबूती दिखाई थी, लेकिन दिन के अंत तक अंतरास्ट्रीय बाजारों की कमजोरियों और कुछ प्रमुख सेक्टर्स में बिकवाली का दबाव देखने को मिला।
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड्स (American Bond Yields) में वृद्धि और तेल की कीमतों में अस्थिरता जैसी इंटरनेशनल कारक भारतीय बाजार को प्रभावित कर रहे हैं। इसके अलावा, विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) भी हाल के दिनों में बिकवाली कर रहे हैं, जिससे बाजार पर दबाव बना हुआ है। हालांकि, घरेलू निवेशकों की ओर से कुछ खरीदारी भी देखी गई, जिससे बाजार में अधिक बड़ी गिरावट नहीं आई।
Hyundai का IPO (Initial Public Offering) हाल ही में सब्सक्राइब हुआ है, और अब इसकी लिस्टिंग पर निवेशकों की नजरें टिकी हुई हैं। इस IPO को निवेशकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिला है, खासकर रिटेल निवेशकों और QIB (Qualified Institutional Buyers) से। उम्मीद की जा रही है कि Hyundai की लिस्टिंग से बाजार को नई दिशा मिल सकती है।
Hyundai IPO के जरिए कंपनी ने करीब ₹10,000 करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखा था। ऑटोमोबाइल सेक्टर में Hyundai की मजबूत स्थिति और भविष्य की योजनाओं को देखते हुए निवेशकों में उत्साह है। कई विश्लेषकों का मानना है कि यह IPO लिस्टिंग के बाद अच्छा प्रदर्शन कर सकता है, जिससे बाजार में सकारात्मक असर हो सकता है।
हाल ही में सेंसेक्स में लगभग 930 अंकों की गिरावट के चलते बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों के बाजार पूंजीकरण में 8.47 लाख करोड़ रुपये की कमी आई है, जिससे यह 445.18 लाख करोड़ रुपये तक गिर गया है। इसके अलावा, देश के सबसे बड़े आईपीओ, हुंडई मोटर इंडिया, की लिस्टिंग 1.5 प्रतिशत की छूट के साथ हुई। साथ ही, सेकेंडरी मार्केट में इसके शेयर पहले ही दिन 5 प्रतिशत तक गिर गए।
आज के कारोबार में विभिन्न सेक्टर्स में मिलाजुला प्रदर्शन देखने को मिला। बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर्स में हल्की बिकवाली का दबाव था, जिससे इन सेक्टर्स के प्रमुख स्टॉक्स में गिरावट दर्ज की गई। आईटी(IT) और टेक्नोलॉजी(Technology) सेक्टर्स में भी हल्की कमजोरी देखने को मिली, खासकर इंफोसिस (Infosys) और टीसीएस (TCS) जैसे दिग्गज स्टॉक्स में गिरावट आई।
ऑटोमोबाइल और फार्मास्यूटिकल्स सेक्टर में कुछ मजबूती देखने को मिली। Hyundai IPO की लिस्टिंग की उम्मीदों से ऑटो सेक्टर में खरीदारी का माहौल रहा। वहीं, फार्मा सेक्टर में भी कुछ प्रमुख स्टॉक्स ने अच्छा प्रदर्शन किया, जिससे सेक्टर में मजबूती बनी रही।
अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में भी आज कमजोरी का माहौल रहा, जिसका असर भारतीय बाजारों पर साफ देखने को मिला। एशियाई और यूरोपीय बाजारों में मिलाजुला कारोबार हो रहा था, और अमेरिकी बाजारों में भी प्री-मार्केट ट्रेडिंग के दौरान कमजोरी दिख रही थी। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों और बॉन्ड यील्ड्स में बढ़ोतरी के चलते अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में चिंता का माहौल है, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ रहा है।
Hyundai IPO की लिस्टिंग पर निवेशकों की नजरें टिकी हैं, और इस IPO की सफलता बाजार में नया रुझान ला सकती है। इसलिए, निवेशकों को इस लिस्टिंग के बाद बाजार की चाल पर नजर रखनी चाहिए और अपने निवेश निर्णय सोच-समझकर लेने चाहिए।