एफडीआई पर आर्थिक विशेषज्ञ प्रोफेसर गौरव वल्लभ का विश्लेषण, आम आदमी का बहुत बड़ा फायदा नहीं दिखाई दे रहा है।
सवाल - क्या असर पड़ेगा देश के रिटेल कारोबार सेक्टर पर?
जवाब : भारत में इस समय रिटेल कारोबार का 9 फीसदी संगठित तरीके से काम करता है और बाकी का 91 फीसदी असंगठित तरीके से। देश में सिंगल ब्रांड रिटेल में कम ही ब्रांड पैसे लगाते हैं। आइकिया, एच एंड एम, नाइकी, एप्पल जैसे कुछ ही बड़े विदेशी सिंगल ब्रांड रिटेल स्टोर इस वक्त देश में मौजूद हंै। ऐसे में सिंगल ब्रांड रिटेल में 100 फीसदी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को मंजूरी मिलने से ज्यादा फायदा कारोबार जगत को नहीं मिलने वाला। वैसे भी सरकार ने 100 फीसदी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की बात तो की है लेकिन इसके अंदर कई नियम कानून है जिसका पालन निवेशक को करना होगा। उदाहरण के लिए- पहले पांच वर्षों में सिंगल बांड रिटेल ट्रेडर को अपनी वैश्विक अपूर्ति के लिए भारत से इंक्रीमेंटल खरीदारी के बराबर का क्रय करना होगा।
सवाल - कंस्ट्रक्शन सेक्टर में क्या असर होगा?
जवाब : पिछले दो-तीन साल में हाउसिंग सेक्टर में कोई खास वृद्धि नजर नहीं आ रही है। अब 100 फीसदी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को मंजूरी देने से कर्मिशयल स्पेस का निर्माण कुछ हद तक बढ़ेगा जिससे रोजगार की संभावना बढ़ सकती है। यह भी ध्यान देने वाली बात है कि यह कर्मिशयल स्पेस मुंबई, नोएडा, बेंग्लुरु जैसे टायर-ए शहरों में ही बढ़ पाएंगे।
सवाल - आम आदमी को क्या फायदा मिलेगा?
जवाब : आम आदमी का बहुत बड़ा फायदा मुझे दिखाई नहीं दे रहा है। इक्का-दुक्का कंपनी भारत में आएंगी जिससे थोड़ी बहुत रोजगार रिटेल सेक्टर में बढ़ सकते है।
सवाल -भारतीय अर्थव्यवस्था को कितना फायदा मिलेगा?
जवाब : देश की अर्थव्यवस्था को भी इससे खास लाभ नहीं मिलने वाला। हां अगर सरकार ने इसकी जगह मल्टी ब्रांड रिटेल में 100 फीसदी एफडीआई की बात होती तो बात कुछ और होती। इससे अर्थव्यवस्था को अच्छा फायदा होता। दूसरी ओर मल्टी ब्रांड रिटेल छोटे और मंझले दुकानदार विरोध कर रहे हैं।
सवाल - पहले किन सेक्टर्स में हुआ 100 फीसदी विनिवेश?
जवाब : इससे पहले काफी सेक्टर्स हैं जहां 100 फीसदी विनिवेश हो रहे हैं। इनमें कोयला खनन, कृषि, रक्षा उपकरण, बागवानी शामिल है।
सवाल - सियासी मायने क्या हैं?
जवाब :सरकार के इस कदम से मुझे कोई सियासी मायने दिखाई नहीं दे रहा है। हां अगर सरकार भविष्य में मल्टी ब्रांड रिटेल में १०० फीसदी एफडीआई की योजना बना रही है तो उसका असर अर्थिक, समाजिक और राजनीतिक रूप से देश में जरूर होगा।