राकेश यादव, सीएमडी, अंतरिक्ष इंडिया ग्रुप
बाजार के चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में हड़बड़ा कर जल्दी में प्रॉपर्टी को बेचना एक गलत रणनीति है। दरअसल यह जानना महत्वपूर्ण है कि वर्तमान रियल एस्टेट के चक्र में बाजार स्थिर कब होगा। यह ध्यान रहे कि सभी उद्योगों का एक चक्र होता है, कारोबार हो या डेमोग्राफिक चक्र यह दोनों पर लागू होता है। ठीक इसी तरह से रियल एस्टेट का भी एक चक्र होता है। इस दुनिया में सबसे ज्यादा लाभ तब कमाया जा सकता है, जब खरीदारी सस्ती दरों पर की जाए और बिक्री ऊंची कीमत पर। इसके लिए अभी माकूल वक्त है क्योंकि बाजार में प्रॉपर्टी की कीमतें पिछले कई सालों से नहीं बढ़ी है। अभी किया हुआ निवेश मोटा रिटर्न दिलाएगा।
निवेश से पहले इन बातों का रखें खयाल
रियल एस्टेट में निवेश करने वाले निवेशकों को इंवेस्टमेंट होराइजन- यानी खरीदारी और दोबारा बेचने के बीच की अवधि का निर्धारण कर लेना चाहिए।
निवेश की अनुमानित अवधि तक संभावित रेंटल इनकम और प्रॉपर्टी की बिक्री से प्राप्त होने वाली रकम का भी अनुमान लगाया जाना चाहिए।
प्रॉपर्टी खरीदने वाले को हमेशा सही प्रॉपर्टी पर फोकस करना चाहिए। इसका मतलब यह है कि प्रॉपर्टी की खासियत व गुणवत्ता, उसकी लोकेशन व इंफ्रास्ट्रक्चर पर ध्यान देना चाहिए।
धैर्य रखें, नुकसान नहीं होगा
रियलएस्टेट एक लंबी अवधि का निवेश क्षेत्र है। यदि आप यह सोचते हैं कि आज खरीदकर, कल उसे बेचकर अमीर बन जाओगे, तो यह आपकी सबसे बड़ी भूल होगी। हम आपको बता दें कि रियल एस्टेट में आपको तभी मुनाफा मिल सकता है, जब आप किसी संपत्ति में कम से कम 3-5 सालों के लिए निवेश करते हैं। अगर आप रियल एस्टेट में निवेश करना चाहते हैं, तो आपको रियल एस्टेट बाजार की खासियतों और बुराइयों से पूरी तरह परिचित होना होगा, साथ ही यह भी जानना होगा कि फायदे का सबसे उपयुक्त समय कब आता है, ताकि प्रॉपर्टी बेच कर मुनाफा कमाया जाए।