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Gold Price Outlook: अगस्त में करीब 12% बढ़ी हैं सोने की कीमतें, आगे क्या हैं आसार? एक्सपर्ट्स से समझिए

Investment in Gold: अगस्त में सोने की वैश्विक कीमत 12 फीसदी से ज्यादा बढ़ चुकी है और गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में भाव 4,600 डॉलर प्रति औंस के ऊपर ट्रेड करते दिखे। अमेरिकी बॉन्ड बाजार, कमजोर डॉलर, भू-राजनीतिक तनाव और सुरक्षित निवेश की मांग ने तेजी को सपोर्ट दिया है।
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Aug 27, 2026
Gold Price Outlook
अगस्त में सोने की कीमतों में तेजी आई है। (PC: AI)

Gold Price Forecast: सोने की चमक एक बार फिर बढ़ गई है। अगस्त में अब तक सोने की वैश्विक कीमत 12 फीसदी से ज्यादा चढ़ चुकी है। गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4,600 डॉलर प्रति औंस के ऊपर पहुंच गया। निवेशकों की नजर अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों को लेकर अगले संकेतों पर है। घरेलू बाजार की बात करें तो एमसीएक्स एक्सचेंज पर 5 अक्टूबर की एक्सपायरी वाला गोल्ड फ्यूचर्स दोपहर 3 बजकर 15 मिनट पर 1,58,728 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड करता दिखा। हालांकि, आज सोने के घरेलू वायदा भाव में कुछ गिरावट देखने को मिली है।

अमेरिकी बॉन्ड बाजार से मिला सोने को सपोर्ट

केडिया एडवाइजरी के एमडी अजय केडिया के अनुसार, सोने की कीमतों में पिछले कुछ दिनों में आई तेजी के पीछे अमेरिकी ट्रेजरी का एक बड़ा कदम भी माना जा रहा है। अमेरिकी ट्रेजरी ने पुराने लॉन्ग टर्म बॉन्ड का बायबैक बढ़ाने की योजना का ऐलान किया है। इसके बाद बाजार में अमेरिकी डॉलर की वैल्यू कमजोर पड़ने की चिंता फिर बढ़ गई। जब डॉलर और अमेरिकी वित्तीय स्थिति को लेकर अनिश्चितता बढ़ती है, तो निवेशक अक्सर सोने जैसे सुरक्षित निवेश की तरफ रुख करते हैं। यही वजह है कि सोने की मांग को एक बार फिर सपोर्ट मिला है।

अब फेड के फैसले पर टिकी बाजार की नजर

सेबी रजिस्टर्ड निवेश सलाहकार डॉ रवि सिंह ने बताया कि अमेरिका के जैक्सन होल में शुक्रवार को होने वाली सालाना बैठक में वार्श की टिप्पणियों पर बाजार की खास नजर रहेगी। निवेशक यह समझने की कोशिश करेंगे कि अमेरिकी फेड आगे ब्याज दरों को लेकर किस दिशा में जा सकता है। सीएमई फेडवॉच टूल के मुताबिक, बाजार सितंबर में अमेरिकी दरों में बढ़ोतरी की 36.1 फीसदी संभावना देख रहा है। दिसंबर तक यह संभावना बढ़कर 72.1 फीसदी बताई गई है।

अमेरिका में महंगाई के आंकड़ों ने भी बाजार की चिंता बढ़ाई है। बुधवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई में सालाना महंगाई दर में बदलाव नहीं हुआ और यह अभी भी फेड के 2 फीसदी लक्ष्य से काफी ऊपर बनी हुई है। महंगाई में गिरावट का सिलसिला रुकने से फेड के सामने ब्याज दरों को लेकर तस्वीर आसान नहीं रहने वाली। अब बाजार में इस बात पर बहस तेज हो सकती है कि दरों को बढ़ाया जाए या मौजूदा स्तर पर ही रखा जाए।

ईरान को लेकर भी बढ़ी हलचल

भू-राजनीतिक मोर्चे पर भी स्थिति पूरी तरह शांत नहीं हुई है। कतर के प्रधानमंत्री ईरान के दौरे पर जाने वाले हैं। इसका मकसद अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े तनाव के बाद बातचीत और कूटनीतिक संपर्क को फिर से शुरू करने की कोशिश करना है। उधर अमेरिका लगातार ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ा रहा है। ऐसे माहौल में निवेशक जोखिम वाले एसेट्स से दूरी बनाकर सुरक्षित विकल्पों की तरफ जा सकते हैं।

सोना लंबे समय से ऐसे समय में सुरक्षित निवेश माना जाता है, जब दुनिया में आर्थिक या भू-राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ती है। हालांकि, इसकी एक कमजोरी भी है। सोने से ब्याज आय नहीं मिलती। इसलिए ब्याज दरें ज्यादा रहने पर इसकी मांग पर दबाव पड़ सकता है।

क्या अभी सोना खरीदना चाहिए?

सोने में लगातार तेजी देखकर कई निवेशकों के मन में यही सवाल है कि क्या इस समय खरीदारी करना सही रहेगा। बाजार विशेषज्ञों की राय में सोने का लंबी अवधि का रुख अभी सकारात्मक बना हुआ है, लेकिन आगे का सफर उतना आसान नहीं होगा। कोटक सिक्योरिटीज की एवीपी (कमोडिटी रिसर्च) कायनात चेनवाला के मुताबिक, वैश्विक बाजार में स्पॉट गोल्ड का हालिया उछाल 4,694 डॉलर प्रति औंस के तीन महीने के ऊपरी स्तर तक पहुंचा है। उनके मुताबिक निवेशक राजकोषीय नीतियों, मौद्रिक नीति को लेकर अनिश्चितता और करेंसी की वैल्यू घटने की आशंका के बीच हार्ड एसेट्स में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं।

चेनवाला का कहना है कि अमेरिकी लॉन्ग टर्म ट्रेजरी यील्ड हालिया ऊंचाई से थोड़ी नीचे आई हैं, लेकिन अभी भी सोने के लिए चुनौती बनी हुई हैं। दूसरी ओर, कमजोर डॉलर, गोल्ड ETF में फिर से बढ़ता निवेश और चीन की लगातार फिजिकल डिमांड सोने की तेजी को सपोर्ट दे रही हैं। उनके मुताबिक निकट अवधि में सोने के 5,500 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचने की संभावना अभी बेस केस नहीं है। इसके लिए अमेरिकी फेड की ओर से ब्याज दरों में नरमी का ज्यादा स्पष्ट संकेत, डॉलर में तेज और लगातार गिरावट या अमेरिका की वित्तीय स्थिति और बॉन्ड बाजार को लेकर नई चिंता जैसी परिस्थितियां बननी होंगी। यानी सोने में आगे भी तेजी की गुंजाइश है, लेकिन यह तेजी सीधी रेखा में नहीं होगी। बीच-बीच में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

भू-राजनीतिक तनाव से भी मिल रहा सपोर्ट

जियोजित इन्वेस्टमेंट के हेड ऑफ कमोडिटी रिसर्च हरीश वी. के मुताबिक, ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक तनाव और मिडिल ईस्ट में चल रहे घटनाक्रमों के कारण सोने को सुरक्षित निवेश की मांग से सपोर्ट मिल सकता है। हालांकि, उनका भी मानना है कि निकट अवधि में सोने का 5,500 डॉलर के स्तर तक पहुंचना मुश्किल नजर आ रहा है। हरीश के मुताबिक आने वाले दिनों में अमेरिकी आर्थिक आंकड़े, फेड की टिप्पणियां और डॉलर की चाल सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव बढ़ा सकती है। घरेलू बाजार में हाल में सोने की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार के मुकाबले अपने ऊपरी स्तरों से कुछ नीचे आई हैं। इसके पीछे सरकार की ओर से मौजूदा 15 फीसदी गोल्ड इंपोर्ट ड्यूटी में बदलाव किए जाने की संभावना को लेकर बाजार की उम्मीद भी एक वजह है।

तकनीकी चार्ट में भी तेजी के संकेत

च्वाइस ब्रोकिंग के कमोडिटी एंड करेंसी एनालिस्ट Aamir Makda के अनुसार, वीकली चार्ट पर सोने की कीमत 20-EMA और 50-EMA से ऊपर बनी हुई है। ये स्तर क्रमशः 4,437.8 डॉलर और 4,253 डॉलर के आसपास हैं। उनके मुताबिक अमेरिकी बजट घाटे को लेकर चिंता और डॉलर की वैल्यू कमजोर होने की चर्चा सोने के मीडियम टर्म आउटलुक को मजबूत कर रही है। तकनीकी स्तरों की बात करें तो 4,895 डॉलर का स्तर सोने के लिए अहम रेजिस्टेंस माना जा रहा है। अगर कीमत इस स्तर के ऊपर मजबूती से निकलती है तो आने वाले हफ्तों में कॉमेक्स गोल्ड के 5,000 से 5,500 डॉलर तक जाने का रास्ता खुल सकता है।

डॉ रवि का कहना है कि सोने में तेजी के पीछे इस समय कई वजहें एक साथ काम कर रही हैं। अमेरिकी डॉलर को लेकर चिंता, बॉन्ड बाजार की हलचल, ब्याज दरों की अनिश्चितता, भू-राजनीतिक तनाव और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग ने कीमतों को सपोर्ट दिया है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि सोने की कीमत लगातार बढ़ती ही जाएंगी। ऊंचे स्तर पर मुनाफावसूली और अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों के कारण इसमें तेज गिरावट भी आ सकती है। अगर आप लंबे समय के लिए सोने में निवेश करना चाहते हैं तो एकमुश्त बड़ी रकम लगाने के बजाय किस्तों में निवेश करना जोखिम को कुछ हद तक कम कर सकता है।

(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी मात्र है। यह निवेश की सलाह नहीं है। कहीं भी पैसा लगाने से पहले अपने निवेश सलाहकार से परामर्श लें।)

Updated on:
27 Aug 2026 04:41 pm
Published on:
27 Aug 2026 04:36 pm