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Gold Rate Outlook: सोना अपने रिकॉर्ड लेवल से 29% टूटा, चांदी 1 हफ्ते में 10,000 रुपये गिरी, आगे कहां जाएंगी कीमतें? एक्सपर्ट से समझिए

Gold Price Today: एक्सपर्ट्स का कहना है कि सोने-चांदी के लिए जून-जुलाई महीना थोड़ा दबाव वाला रह सकता है। लेकिन अगस्त-सितंबर से कीमतों में दोबारा तेजी शुरू हो सकती है।
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Jun 26, 2026
Gold Price Today
Gold Price में इस हफ्ते बड़ी गिरावट आई है। (PC: AI)

Gold Rate Today: सोना और चांदी खरीदने की सोच रहे लोगों के लिए फिलहाल बाजार राहत के संकेत दे रहा है, लेकिन निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगातार चौथे हफ्ते गोल्ड-सिल्वर की कीमतों में गिरावट आई है। इसकी सबसे बड़ी वजह अमेरिकी डॉलर की मजबूती और ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता है। ऐसे में सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने और चांदी पर दबाव बढ़ता जा रहा है। सोना अपने रिकॉर्ड हाई लेवल से 29 फीसदी नीचे आ गया है। हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि लॉन्ग टर्म में गोल्ड में तेजी आएगी।

1 हफ्ते में 4260 रुपये टूटा सोना

गुड रिटर्न्स के आंकड़ों के अनुसार, बीते शुक्रवार, 19 जून को दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव 1,46,010 रुपये प्रति 10 ग्राम पर था। आज इसकी कीमत 1,41,750 रुपये प्रति 10 ग्राम है। इस तरह इसमें 1 हफ्ते में 4,260 रुपये की गिरावट आ चुकी है। चांदी की बात करें, तो बीते शुक्रवार, 19 जून को दिल्ली में चांदी का भाव 2,50,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर था। आज यह 2,40,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर है। इस तरह इसमें 10,000 रुपये की गिरावट आ चुकी है।

धातु19 जून 2026 का भावआज का भाव1 हफ्ते में बदलाव
24 कैरेट सोना (प्रति 10 ग्राम)₹1,46,010₹1,41,7504,260 रुपये की गिरावट
चांदी (प्रति किलोग्राम)₹2,50,000₹2,40,00010,000 रुपये की गिरावट

फिर से साढ़े 3 लाख तक जा सकती है चांदी

केडिया एडवाइजरी के एमडी अजय केडिया ने पत्रिका डॉट कॉम को बताया कि सोने और चांदी में एक अच्छी-गिरावट की उम्मीद थी, वो आ गई है। लेकिन लॉन्ग टर्म का आउटलुक अभी भी तेजी का है। क्योंकि सेंट्रल बैंक्स की खरीदारी जारी रहने वाली है। उन्होंने कहा, 'साल 2008 और 2022 में कच्चा तेल जब ऊपर गया तो सोना महंगा हुआ था। लेकिन जब तेल नीचे आया तो सोने के भाव भी गिर गए। जून-जुलाई महीना थोड़ा नरम रह सकता है। लेकिन अगस्त-सितंबर से दोबारा तेजी शुरू हो सकती है। नीचे में सोने में 1.40 लाख से 1.38 लाख रुपये का लेवल देखा जा सकता है। वहीं, चांदी का भाव ज्यादा से ज्यादा 1.90 से 2 लाख रुपये तक नीचे जा सकता है। यहां से चरणबद्ध तरीके से बाइंग करें तो सालभर मे चांदी सवा तीन से साढ़े तीन लाख रुपये तक जा सकती है। वहीं, सोने में हम लगभग 2 लाख का लेवल फिर से देख सकते हैं।'

धातुसंभावित निचला स्तर (अनुमान)लंबी अवधि का टार्गेट अनुमान
सोना (प्रति 10 ग्राम)₹1.38 लाख से ₹1.40 लाखकरीब ₹2 लाख
चांदी (प्रति किलोग्राम)₹1.90 लाख से ₹2.00 लाख₹3.25 लाख से ₹3.50 लाख

रिकॉर्ड ऊंचाई से करीब 29 फीसदी टूट चुका है सोना

वैश्विक स्तर पर इस सप्ताह सोना पहली बार 4,000 डॉलर प्रति औंस के अहम स्तर से नीचे निकल गया। नवंबर 2025 के बाद यह पहला मौका है जब कीमतें इस स्तर के नीचे पहुंची हैं। जनवरी में बने अपने रिकॉर्ड हाई 5,594.82 डॉलर प्रति औंस से सोना अब करीब 29 फीसदी नीचे आ चुका है। पूरे सप्ताह की बात करें तो इसमें लगभग 4 फीसदी की गिरावट दर्ज होने की संभावना है। आज शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड करीब 0.9 फीसदी टूटकर 3,991.49 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। अगस्त डिलीवरी वाला अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स भी करीब 1 फीसदी फिसलकर 4,007.30 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। वहीं चांदी में ज्यादा बिकवाली देखने को मिली और इसकी कीमत करीब 3.2 फीसदी गिरकर 56.01 डॉलर प्रति औंस रह गई।

आखिर क्यों टूट रहा है सोना?

बाजार की नजर इस समय पूरी तरह अमेरिकी फेडरल रिजर्व पर टिकी हुई है। निवेशकों को अभी भी उम्मीद है कि अमेरिका में ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रह सकती हैं। यही वजह है कि सोने और चांदी जैसे ऐसे निवेश, जिन पर कोई ब्याज नहीं मिलता, निवेशकों को कम आकर्षित कर रहे हैं। हालांकि, अमेरिका के मई महीने के महंगाई के आंकड़े उम्मीद से थोड़े नरम रहे और इसके बाद अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में हल्की नरमी भी आई, लेकिन इससे फेड की पॉलिसी को लेकर बाजार की सोच ज्यादा नहीं बदली है। अभी भी बाजार मानकर चल रहा है कि इस साल ब्याज दरों में और बढ़ोतरी हो सकती है।

डॉलर मजबूत होने से भी बढ़ी मुश्किल

अमेरिकी डॉलर इंडेक्स भी पिछले कई महीनों के ऊंचे स्तर के आसपास बना हुआ है। जब डॉलर मजबूत होता है तो सोना और दूसरी डॉलर आधारित कमोडिटी विदेशी खरीदारों के लिए महंगी हो जाती हैं। इसका असर मांग पर पड़ता है और डिमांड कम होने से कीमतों में दबाव बढ़ जाता है।

क्या लंबी चलेगी सोने में गिरावट?

कामा ज्वेलरी के एमडी कॉलिन शाह का कहना है कि मौजूदा गिरावट लंबी अवधि की कमजोरी का संकेत नहीं है। उनके मुताबिक डॉलर की मजबूती और अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर बनी उम्मीदों ने फिलहाल निवेशकों का रुख बदला है। चांदी में तेज गिरावट के बाद उतार-चढ़ाव और बढ़ सकता है, लेकिन इससे कीमती धातुओं की लंबी अवधि की तस्वीर खराब नहीं होती। उन्होंने कहा कि भारत जैसे बाजारों में जब कीमतें गिरती हैं तो फिजिकल गोल्ड की खरीदारी बढ़ने लगती है। इसलिए मौजूदा कमजोरी को सामान्य करेक्शन माना जाना चाहिए, न कि किसी बड़े नकारात्मक बदलाव का संकेत।

Published on:
26 Jun 2026 11:55 am