Gold Silver Price: अमेरिका-ईरान जंग के बावजूद सोना 8% और चांदी 16% से ज्यादा टूट चुकी है। महंगे तेल ने डॉलर को मजबूत किया जिससे कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ा।
Gold Silver Price Outlook: आमतौर पर जब दुनिया में तनाव बढ़ता है, तो लोग सोने की तरफ भागते हैं। सोना "सुरक्षित ठिकाना" माना जाता है। पर अमेरिका-ईरान जंग शुरू होने के बाद से सोना 8 फीसदी से ज्यादा टूट चुका है। चांदी तो और भी बुरे हाल में है। इसमें 16 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है। तो आखिर माजरा क्या है? आइए समझते हैं।
जंग ने तेल महंगा किया। महंगे तेल ने महंगाई बढ़ाई। महंगाई बढ़ी तो अमेरिका में ब्याज दरें ऊंची रहने का डर बना। और जब अमेरिकी ब्याज दरें ऊंची रहती हैं तो डॉलर मजबूत होता है। मजबूत डॉलर में सोना खरीदना दूसरी करेंसीज के लिए महंगा बन जाता है, इसलिए खरीदारी कम होती है। यही वजह है कि इस बार जंग का फायदा सोने को नहीं मिला।
मंगलवार को COMEX पर सोना दो दिन की गिरावट के बाद थोड़ा संभला और 4,800 डॉलर प्रति औंस के करीब कारोबार करता दिखा। चांदी 77 डॉलर प्रति औंस के आसपास बनी हुई थी।
अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी शुरू कर दी है। इसके बाद राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा कि ईरान के अधिकारियों ने बातचीत की इच्छा जताई है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने भी कहा कि तेहरान अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में शांति वार्ता के लिए तैयार है। इस खबर से तेल 100 डॉलर से नीचे आया। शेयर बाजारों में तेजी आई। डॉलर इंडेक्स 0.2 फीसदी फिसला। इन सबका मिला-जुला असर सोने को थोड़ा सपोर्ट दे गया। पर बाजार के जानकार इसे स्थायी राहत नहीं मान रहे।
Kotak Securities में AVP कमोडिटी रिसर्च कायनात चेनवाला का कहना है कि अगर अमेरिकी नाकेबंदी से ईरानी कच्चे तेल की सप्लाई बुरी तरह बाधित हुई और तेल 120 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर टिक गया, तो महंगाई का दबाव और बढ़ेगा। ब्याज दरें ऊंची रहेंगी और डॉलर मजबूत बना रहेगा। ऐसे हालात में सोना और चांदी दोनों पर और दबाव आ सकता है। उनके अनुसार अगर तेल 120 डॉलर पार कर गया तो सोना 4,400 डॉलर से भी नीचे जा सकता है और चांदी 67 डॉलर के नीचे फिसल सकती है। यानी सोने में अभी और 10 फीसदी तक की गिरावट संभव है। दूसरी तरफ, अगर तेल 90 डॉलर से नीचे आया तो सोना 5,000 डॉलर पार कर सकता है और चांदी 80 डॉलर के पार जा सकती है। कुल मिलाकर सब कुछ तेल पर टिका है।
Choice Broking में कमोडिटी टेक्निकल रिसर्च की कावेरी मोरे के मुताबिक MCX पर सोने के लिए 1,49,650 रुपए का स्तर बेहद अहम है। अगर भाव इससे नीचे टूटे तो 1,44,930 और फिर 1,39,200 तक गिरावट देखने को मिल सकती है। चांदी की बात करें तो यह अभी 2,38,100 रुपए के आसपास है लेकिन 2,47,000 (50 DEMA) के पास जाते ही रुकावट आ जाती है। अगर 2,33,600 का सपोर्ट टूटा तो 2,24,000 और 2,19,000 तक का रास्ता खुल सकता है। मोरे की सलाह है कि जब तक जंग का माहौल बना रहे और डॉलर उच्च स्तर पर रहे, तब तक निवेशकों को सावधानी बरतनी चाहिए।
अमेरिकी मनी मार्केट में दिसंबर तक Fed द्वारा ब्याज दर में कटौती की संभावना 20 फीसदी से भी कम है। यानी "ब्याज दरें ऊंची, डॉलर मजबूत, सोना कमजोर" का यह चक्र अभी टूटता नहीं दिख रहा। जंग खत्म हो, तेल सस्ता हो, तब ही सोना-चांदी में असली तेजी की उम्मीद है। फिलहाल तो जो है वही सही।