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Railways Reservation Chart Process: वेटिंग लिस्ट से कंफर्म लिस्ट में कैसे जाता है आपका टिकट? जानिए रेलवे का रिजर्वेशन चार्ट प्रोसेस

Rail reservation chart timing change: भारतीय रेलवे ने रिजर्वेशन चार्ट बनाने का समय बदल दिया है। सुबह 5 से दोपहर 2 बजे के बीच चलने वाली ट्रेनों का चार्ट एक रात पहले रात 8 बजे तक बनेगा।

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भारत

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Pawan Jayaswal

Apr 16, 2026

waiting list ticket confirmation

रेलवे ने रेल रिजर्वेशन चार्ट के नियम बदले हैं। (PC: AI)

Indian Railways chart preparation new rules: कौन नहीं जानता वो बेचैनी जब ट्रेन पकड़ने के लिए घर से निकलो और टिकट अभी भी वेटिंग में ही हो। देश में लाखों यात्री यही तकलीफ झेलते थे। लेकिन अब भारतीय रेलवे ने इस परेशानी का कुछ हद तक हल निकाल लिया है। रेलवे बोर्ड ने 12 दिसंबर 2024 को एक अहम सर्कुलर जारी किया था, जिसमें रिजर्वेशन चार्ट बनाने का वक्त बदल दिया गया। मकसद साफ है कि यात्री को पहले से पता चल जाए कि सीट मिलेगी या नहीं, ताकि वो घर से बेफिक्र होकर निकल सके।

नया नियम क्या है?

रेलवे बोर्ड ने सभी प्रिंसिपल चीफ कमर्शियल मैनेजरों को पत्र लिखकर नई टाइमिंग बताई। इसे दो हिस्सों में समझिए।

पहली कैटेगरी: जो ट्रेनें सुबह 5 बजकर 1 मिनट से दोपहर 2 बजे के बीच रवाना होती हैं, उनका पहला रिजर्वेशन चार्ट एक दिन पहले रात 8 बजे तक बना दिया जाएगा।

दूसरी कैटेगरी: जो ट्रेनें दोपहर 2 बजकर 1 मिनट से रात 11:59 बजे के बीच या फिर रात 12 बजे से सुबह 5 बजे के बीच चलती हैं, उनका पहला चार्ट रवानगी से कम से कम 10 घंटे पहले तैयार होगा। यानी अब आपको आखिरी वक्त तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

दूसरा चार्ट कब बनता है?

पहले चार्ट के अलावा रेलवे एक फाइनल रिजर्वेशन चार्ट भी बनाता है। एक वरिष्ठ रेलवे अधिकारी के मुताबिक यह दूसरा चार्ट ट्रेन के रवाना होने से करीब 30 मिनट पहले तैयार किया जाता है।

इस फाइनल चार्ट की भूमिका बहुत जरूरी है। तत्काल कोटे की जो भी सीटें खाली रह जाती हैं, वो RAC और वेटिंग लिस्ट वाले यात्रियों को इसी चार्ट के जरिए मिलती हैं। इसके अलावा फाइनल चार्ट बनने से पहले तक खाली बर्थ बुक की जा सकती हैं।

WL और RAC वालों के लिए इसका क्या मतलब है?

जो यात्री दूर किसी गांव या कस्बे से ट्रेन पकड़ने आते हैं, उनके लिए यह बदलाव सबसे ज्यादा काम का है। पहले चार्ट देर से बनता था, तो वे घर से निकलें या नहीं, यही उलझन रहती थी। अब चार्ट पहले बनेगा तो साफ पता चलेगा कि सीट कन्फर्म हुई या नहीं।

रेलवे पहले से ही साफ-सफाई, समय पर चलना और खाने की क्वालिटी सुधारने में लगा है। टिकट बुकिंग को आसान बनाना और संदिग्ध ID बंद करना भी इसी मुहिम का हिस्सा है। यह नया चार्ट नियम उसी दिशा में एक कदम है।