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Gold Price Today May 13: आयात शुल्क बढ़ने से आज सोना-चांदी दोनों हुए महंगे, उधर टूट गए ज्वेलरी कंपनियों के शेयर

Gold Silver Price Today: सरकार ने सोना और चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाकर 15 फीसदी कर दी है। इसका असर बाजार में तुरंत दिखा और घरेलू कीमतों में जोरदार उछाल आ गया। ज्वेलरी कारोबारियों को मांग घटने और तस्करी बढ़ने का डर है।

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May 13, 2026
सोना-चांदी में तेजी आई है। (PC: AI)

Gold Price Today May 13: सोने पर आयात शुल्क बढ़ने का असर आज कीमतों पर देखने को मिला है। घरेलू सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में भारी तेजी देखी गई है। गुड रिटर्न्स के अनुसार, दिल्ली में आज 24 कैरेट सोने का हाजिर रेट 8020 रुपये के जबरदस्त उछाल के साथ 1,62,150 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। 22 कैरेट सोने का भाव 7350 रुपये के उछाल के साथ 1,48,650 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। वहीं, 18 कैरेट गोल्ड का रेट 6010 रुपये के उछाल के साथ 1,21,650 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। उधर चांदी का भाव सीधे 20,000 रुपये बढ़कर 3,10,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया है।

आयात शुल्क बढ़ने का है असर

केंद्र सरकार ने सोना और चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाकर 15 फीसदी कर दी है। इस वजह से ही आज कीमतों में यह जबरदस्त उछाल आया है। सरकार अब गैर-जरूरी आयात पर लगाम कसना चाहती है, ताकि विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम किया जा सके। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और डॉलर पर दबाव के बीच सरकार यह कदम उठाने को मजबूर हुई है। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा गोल्ड उपभोक्ता है और यहां ज्यादातर सोना बाहर से आता है। ऐसे में इंपोर्ट महंगा होते ही सीधा असर आम ग्राहकों और ज्वेलरी बाजार पर पड़ना तय है।

कितना महंगा हो सकता है सोना?

आयात शुल्क बढ़ने से सोना बाहर से महंगा आएगा, तो बाजार में गहनों की कीमत भी बढ़ेगी। ज्वेलरी इंडस्ट्री को डर है कि महंगे दाम की वजह से ग्राहक हल्के वजन के गहनों की तरफ जा सकते हैं। कुछ लोग खरीदारी टाल भी सकते हैं। गोल्ड कॉइन और ETF में निवेश की रफ्तार भी धीमी पड़ सकती है। ऑल इंडिया जेम्स एंड ज्वेलरी काउंसिल के चेयरमैन Rajesh Rokde ने कहा कि ड्यूटी बढ़ने से कारोबार मुश्किल हो सकता है। उन्होंने आशंका जताई कि इससे ग्रे मार्केट और तस्करी को बढ़ावा मिल सकता है। उनके मुताबिक अब सोना करीब 27,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक महंगा पड़ सकता है, जबकि पहले यह बोझ लगभग 13,500 रुपये था।

इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब तक मिडिल ईस्ट संकट जारी रहेगा, तब तक इंपोर्ट ड्यूटी ऊंची बनी रह सकती है। उन्होंने कहा कि बाजार में वॉल्यूम 10-15 फीसदी तक घट सकता है, लेकिन ऊंची कीमतों की वजह से कारोबार का कुल मूल्य बना रहेगा।

निवेशकों के लिए मौका या खतरा?

कुछ एक्सपर्ट इसे खतरे की बजाय मौका भी मान रहे हैं। इंडस्ट्री एक्सपर्ट Vishal Dhawan का कहना है कि जिन निवेशकों ने पिछले कुछ सालों में काफी सोना खरीद रखा है, उनके पोर्टफोलियो में गोल्ड का हिस्सा जरूरत से ज्यादा बढ़ गया होगा। ऐसे निवेशक अब अपने पोर्टफोलियो को दोबारा संतुलित करने पर विचार कर सकते हैं। वहीं, जिन लोगों के पास अभी भी गोल्ड कम है, वे धीरे-धीरे और संतुलित तरीके से निवेश बढ़ा सकते हैं।

ज्वेलरी शेयरों में बिकवाली

सरकार के फैसले का असर शेयर बाजार में भी साफ दिखा। ज्वेलरी कंपनियों के शेयरों में लगातार तीसरे दिन गिरावट देखने को मिली। Sky Gold and Diamonds का शेयर 11 फीसदी से ज्यादा टूट गया। वहीं Kalyan Jewellers करीब 6 फीसदी गिरा। इसके अलावा Senco Gold, PC Jeweller, Tribhovandas Bhimji Zaveri और Titan Company के शेयरों में भी दबाव देखने को मिला है।

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