
गिरावट में भी HNI निवेशकों ने 1 बिलियन डॉलर का निवेश किया है। फोटो: AI
Falling Market Investment Strategy: भारतीय शेयर बाजार में लगातार गिरावट देखी जा रही है। इसी बीच सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की होती है कि अमीर निवेशक कहां पैसा लगाते हैं? बाजार की इस महागिरावट में भी अमीर निवेशकों ने कुछ चुनिंदा शेयरों में 1 बिलियन डॉलर यानी करीब 9,120 करोड़ रुपए का निवेश किया है। हाई नेट वर्थ इंडिविजुअल यानी HNI निवेशकों ने बाजार की कमजोरी के बीच यह रकम करीब दस चुनिंदा शेयरों में झोंक दी। यह कदम बताता है कि बड़े निवेशकों की रणनीति आम निवेशकों से बिल्कुल अलग होती है।
प्राइमइन्फोबेस के डेटा के मुताबिक, 31 मार्च 2026 तक NSE पर HNI की कुल हिस्सेदारी की वैल्यू 8.10 लाख करोड़ रुपये रही। पिछली तिमाही के मुकाबले यह 15.31 फीसदी की गिरावट है। प्रतिशत के हिसाब से देखें, तो कुल पोर्टफोलियो वैल्यू में HNI की हिस्सेदारी 2.03 फीसदी से घटकर 1.99 फीसदी पर आ गई। लेकिन इस गिरावट से बड़े निवेशक घबराए नहीं और निवेश करते रहे।
डेटा यह भी बताता है कि HNI ने जिन 1,023 कंपनियों में हिस्सेदारी बढ़ाई, उनके शेयर औसतन 20.33 फीसदी गिरे। जिन 925 कंपनियों में उन्होंने हिस्सेदारी घटाई, वहां औसत गिरावट 20.52 फीसदी रही। यानी खरीदारी और बिकवाली दोनों ही मामलों में बाजार की मार एक जैसी पड़ी।
HNI निवेशकों को अक्सर Smart Money माना जाता है, ऐसे में लोग जानना चाहते हैं कि ये निवेशक आखिर किन शेयरों में निवेश करते हैं। HNI निवेशकों ने सबसे ज्यादा खरीदारी Avenue Supermarts में की। इसके अलावा टॉप-10 की लिस्ट में Lloyds Metals and Energy, Patanjali Foods, Eris Lifesciences, IIFL Finance, Polycab India और Eternal शामिल हैं।
HNI निवेशकों ने Avenue Supermarts में 4,981 करोड़ रुपये की नेट खरीदारी की। इससे उनकी हिस्सेदारी 1.1 करोड़ शेयर से बढ़कर 2.4 करोड़ शेयर हो गई, यानी दोगुने से भी ज्यादा। इस तिमाही में शेयर 4.62 फीसदी चढ़ा, जो टॉप-10 खरीदारी वाले शेयरों में से एकमात्र मुनाफा देने वाला था।
HNI निवेशकों ने बाजार में कुछ शेयरों से दूरी भी बनाई है। HNI ने इन स्टॉक्स में 5,400 करोड़ रुपये की होल्डिंग बेच दी। बेचने के बाद कुछ में तेजी दर्ज की गई, जिससे ऐसा लगता है कि HNI निवेशकों ने इसे बेच कर गलती कर दी। लेकिन कुछ में बेचने के बाद भी गिरावट जारी रही, जिससे यह फैसला सही लग रहा है।
PGIM India Mutual Fund के CIO विनय पहाड़िया ने भारतीय बाजार को लेकर लॉन्ग टर्म में निवेश के लिए पॉजिटिव सिग्नल दिया है। उनका कहना है कि निवेशकों को वैल्यूएशन, अर्निंग ग्रोथ की स्थिरता और मैनेजमेंट क्वालिटी देखकर ही निवेश करना चाहिए। मजबूत घरेलू अर्थव्यवस्था, बेहतर होती कॉर्पोरेट बैलेंस शीट और सरकारी नीतियां भारतीय शेयर बाजार के पक्ष में हैं। उनके मुताबिक भारतीय कंपनियां लगातार दोहरे अंकों में मुनाफा बढ़ाने में सक्षम हैं।
Published on:
13 May 2026 04:32 pm
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