Trump tariff threat impact on gold: अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ रही टेंशन के चलते सोना और चांदी लगातार महंगा हो रहा है। एक बार फिर से दोनों धातुओं की कीमतों में उछाल देखने को मिला है।
Gold Silver Price Today: सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर से उछाल आया है। सोना जहां करीब डेढ़ हजार रुपए महंगा हुआ है। वहीं चांदी के दाम सीधे लगभग 11 हजार चढ़ गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ग्रीनलैंड के मुद्दे पर दी गई टैरिफ की धमकी और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ रहे तनाव के चलते गोल्ड-सिल्वर के दाम चढ़ रहे हैं। ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर कब्जे में उनका साथ नहीं देने वाले देशों पर भारी टैरिफ लगाने की चेतावनी दी है। उधर, अमेरिकी कार्रवाई से निपटने के लिए NATO के सदस्यों देशों की सैन्य टुकड़ियां ग्रीनलैंड पहुंच गई हैं।
एमसीएक्स (Gold MCX) पर 20 जनवरी की सुबह 24 कैरेट वाले 10 ग्राम सोने की कीमत 1,46,600 रुपए चल रही है, जो पिछले सत्र के मुकाबले 1519 रुपए अधिक है। चांदी (mcx silver) 3,13,913 रुपए प्रति किलो के भाव पर उपलब्ध है। इसमें 11 हजार रुपए से अधिक का उछाल आया है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड 4,681.66 डॉलर प्रति औंस पहुंच गया है। जबकि चांदी 93.69 डॉलर प्रति औंस के भाव पर मिल रही है। सोना और चांदी लगातार मजबूत हो रहे हैं। बीच में एक-दो बड़ी गिरावट के बाद यह कहा जाने लगा था कि चांदी का बुलबुला फुट गया है, लेकिन सिल्वर ने उन अनुमानों को गलत साबित कर दिखाया है।
कमोडिटी एक्स्पर्ट्स का मानना है कि सोना और चांदी को सपोर्ट देने वाले फैक्टर्स अभी भी मौजूद हैं। इसलिए कीमतों के ऊपर जाने का सिलसिला जारी रह सकता है। बीच में कुछ उतार-चढ़ाव भले ही देखने को मिलें, लेकिन ऐसे हालात बनना मुश्किल है कि दोनों धातुओं का आकर्षण कम हो जाए। ग्रीनलैंड पर अमेरिकी रुख से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर टेंशन बढ़ने की आशंका है। डोनाल्ड ट्रंप किसी भी कीमत पर ग्रीनलैंड पर कब्जा चाहते हैं और NATO देश इसके खिलाफ मजबूती से खड़े हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में हालात बिगड़ सकते हैं। उधर, रूस के बयानों से यूक्रेन के साथ जंग में तेजी आने की आशंका भी जन्म ले रही है। ऐसे में सोने-चांदी में निवेश बढ़ सकता है और दाम चढ़ सकते हैं।
अंतर्राष्ट्रीय या घरेलू स्तर पर तनाव बढ़ाने वालीं खबरें गोल्ड में निवेश को आकर्षित करती हैं। सोने में निवेश सबसे सुरक्षित माना जाता है। अब चांदी भी गोल्ड वाली कैटेगरी में शामिल हो गई है। चांदी में धड़ाधड़ निवेश हो रहा है। इसके अलावा, चांदी का औद्योगिक उपयोग भी काफी ज्यादा है। खासकर, इलेक्ट्रॉनिक वाहनों और सोलर सेक्टर में चांदी की डिमांड बढ़ रही है। जबकि आपूर्ति में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। चीन ने भी चांदी के निर्यात को सीमित कर दिया है। इस वजह से सोने के साथ-साथ चांदी की चमक में भी निखार बना रह सकता है।