25 अक्टूबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

सऊदी अरब की तेल कंपनी अरामको के मुनाफे में 55,000 करोड़ रुपये का फटका, CEO अमीन नासिर ने कह दी बड़ी बात

ईरान की जवाबी कार्यवाही में दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी पर किए गए हमले के कारण कंपनी को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भारत

•

image

Gajanand Prajapat

•

Updated: 10 Mar 2026, 5:19 PM IST

US Iran War

अरामको ने अपना रिजल्ट जारी किया है। (PC: AI)

दुनिया की सबसे बड़ी तेल उत्पादक कंपनी अरामको के मुनाफे में गिरावट आई है। दरअसल, सऊदी अरब की तेल कंपनी अरामको के CEO अमीन नासिर ने मंगलवार को अपने वार्षिक नतीजे जारी किए। इसके मुताबिक अरामको ने 2025 में 104 अरब डॉलर का मुनाफा दर्ज किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 55,000 करोड़ रुपये कम है।

अरामको ने 2024 में 480 बिलियन डॉलर (44 लाख करोड़ रुपये) का कारोबार किया था, जिसमें से 110 बिलियन डॉलर का शुद्ध मुनाफा कमाया था। लेकिन 2025 में यह कारोबार मात्र 445 बिलियन डॉलर (40.83 लाख करोड़) पर सिमट गया, जिससे कंपनी के कारोबार में 35 बिलियन डॉलर का कमी आई।

विनाशकारी परिणाम हो सकते हैं

अरामको के CEO अमीन नासिर ने चेतावनी दी है कि ईरान युद्ध वैश्विक तेल बाजार के लिए विनाशकारी परिणाम ला सकता है। मंगलवार को उन्होंने कहा कि इस युद्ध ने एक गंभीर चेन रिएक्शन पैदा किया है जिसका असर शिपिंग से आगे एविएशन, एग्रीकल्चर, ऑटोमोटिव और अन्य उद्योगों तक फैल चुका है। उन्होंने इसे क्षेत्र के तेल और गैस उद्योग का अब तक का सबसे बड़ा संकट बताया।

संकट की गंभीरता इसी से समझी जा सकती है कि अरामको की रास तनूरा रिफाइनरी पर पिछले हफ्ते हमला हुआ। यह हमला ईरान के खाड़ी देशों पर किए गए ड्रोन और मिसाइल हमलों का हिस्सा था। इस घटना के बाद कच्चे तेल की कीमत उछलकर करीब 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई, हालांकि बाद में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बाद इसमें कुछ नरमी आई।

अमीन नासिर ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर भी गंभीर चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि वैश्विक इन्वेंटरी पहले से पांच साल के निचले स्तर पर है और यदि आपूर्ति बाधित रही तो यह और तेजी से घटेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि वैश्विक अतिरिक्त उत्पादन क्षमता अधिकतर इसी क्षेत्र में केंद्रित है, इसलिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में शिपिंग फिर से शुरू होना बेहद जरूरी है।

जानिए अरामको के बारे में

अरामको को दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी के रूप में जाना जाता है। यह प्रोडक्शन, स्टोरेज और प्रॉफेटिबिलीटी में सबसे ज्यादा आगे है। यहां 270 अरब बैरल से अधिक कच्चे तेल का स्टोरेज है और लगभग 12 मिलियन बैरल प्रतिदिन उत्पादन होता है। जारी किए गए नए आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी ने पूरा साल मिलाकर एडजस्टेड नेट इनकम 104.7 बिलियन डॉलर का मुनाफा कमाया।