
प्याज की कीमतें अक्सर आम आदमी को रुलाती हैं। ये सरकार के लिए भी बड़ा सिरदर्द बन जाती हैं। ये प्याज की कीमतें ही हैं जो किसी सरकार को हिलाने का दम रखती हैं। ऐसे में केंद्र सरकार ने अब आम आदमी को थोड़ी राहत देने का फैसला किया है और इसलिए एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। सरकार अपने बफर स्टॉक से करीब 50,000 टन प्याज दिल्ली और गुवाहाटी जैसे कुछ शहरों में ट्रांसफर करेगी। इन जगहों पर रिटेल की कीमतें भारत की औसत दरों से थोड़ी अधिक हैं। सरकार के इस कदम से इन शहरों में प्याज के दामों में गिरावट की उम्मीद है।
प्याज की कीमतों को स्थिर करने के लिए केंद्र सरकार के उपभोक्ता मामलों का विभाग ने 25 लाख टन प्याज का बफर स्टॉक बनाए रखा है। सूत्रों के अनुसार, सभी राज्यों को प्याज की जरूरत होने पर ऑर्डर देने के लिए कहा गया है। फिलहाल मार्केट में प्याज का औसत दाम करीब 26 रुपये किलो है जबकि केंद्र सरकार 18 रुपये किलो के आसपास प्याज देगी। चूंकि प्याज की शेल्फ लाइफ कम होती है, इसलिए विभाग ने सभी राज्यों से कहा है कि अगर उन्हें तत्काल जरूरत है तो प्याज ऑर्डर करने के निर्देश दिए गए हैं।
बता दें कि वर्ष 2020-21 में प्याज का प्रोडक्शन 266.41 लाख टन और खपत 160.50 लाख टन रहा था। अक्सर नवंबर और दिसम्बर में प्याज की कीमतों में उछाल देखने को मिलता है क्योंकि ये जल्दी खराब होती है। ऐसे में प्याज की कटाई के बाद के नुकसान की समस्या को दूर करने के लिए, उपभोक्ता विभाग ने वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और स्टार्टअप्स के लिए एक हैकथॉन-ग्रैंड चैलेंज शुरू किया है ताकि प्याज की कटाई के बाद भंडारण के लिए एक प्रोटोटाइप के विचार और विकास की तलाश की जा सके।