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Income Tax विभाग के पास है 40 करोड़ लोगों के खर्चों का पूरा रिकॉर्ड, जानिए कैसे पता लगाती है सरकार

Annual Information Statement: आयकर विभाग की वेबसाइट पर जाकर आप अपना एनुअल इन्फॉर्मेशन स्टेटमेंट देख सकते हैं। इसमें वित्त वर्ष के दौरान आपके टैक्स से जुड़े ट्रांजेक्शंस का विवरण होता है।

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Jul 24, 2025
इनकम टैक्स की वेबसाइट पर जाकर आप अपना एआईएस डाउनलोड कर सकते हैं।

Annual Information Statement: अगर आपको लगता है कि आप आयकर विभाग की नजरों से बच जाएंगे, तो यह अब मुमकिन नहीं है। आप कब किसको कितना पैसा ट्रांसफर कर रहे हैं, किससे कितना पैसा ले रहे हैं, टैक्स बचाने के लिए क्या कोशिशें कर रहे हैं, यह सब आयकर विभाग और सीबीडीटी की निगरानी में है। सीबीडीटी अब एआई पावर्ड हो गया है। आपका हर एक डिजिटल फुटप्रिंट अब इनकम टैक्स विभाग की नजर में है। ऐसे में उन लोगों की अब खैर नहीं, जो आईटीआर नहीं भरते या टैक्स छूट के लिए फर्जी क्लेम करते हैं।

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सरकार के पास है 40 करोड़ लोगों का डेटा

सीबीडीटी चेयरमैन रवि अग्रवाल ने एक इंटरव्यू में बताया कि बीते वित्त वर्ष में करीब 650 करोड़ फाइनेंशियल ट्रांजेक्शंस से 40 करोड़ AIS (वार्षिक सूचना विवरण) जनरेट हुए थे। अग्रवाल ने कहा कि सीबीडीटी के पास बड़ा डेटा भंडार है। विभाग टैक्सपेयर्स के लेनदेन की 360 डिग्री प्रोफाइल बनाना चाहता है और टैक्सपेयर्स के रिटर्न फाइल करने के पैटर्न को समझना चाहता है। एआई के जरिए सीबीडीटी उन हाई वैल्यू ट्रांजेक्शंस का पता लगा रहा है, जिनमें रिटर्न फाइल नहीं किये जा रहे हैं।

क्या होता है AIS?

एनुअल इन्फॉर्मेशन स्टेटमेंट यानी एआईएस में टैक्सपेयर से जुड़ी विस्त्रित जानकारी होती है। एआईएस का उद्देश्य यह है कि टैक्सपेयर आईटीआर फाइल करने से पहले पूरी जानकारी देख सके। इसमें ऑनलाइन फीडबैक की सुविधा भी होती है। एआईएस जारी करने का उद्देश्य स्वैच्छिक अनुपालन को बढ़ावा देना भी है। यानी टैक्सपेयर एआईएस में डेटा देखकर आसानी से अपना आईटीआर भर सके। इससे गैर अनुपालन में कमी आती है।

AIS में क्या जानकारी होती है?

एआईएस में मौजूद जानकारी दो भागों में बंटी होती है। पहला पार्ट जनरल इन्फॉर्मेशन का होता है। इस पार्ट में आपसे जुड़ी सामान्य जानकारी होती है। जैसे- पैन नंबर, मास्क्ड आधार नंबर, टैक्सपेयर का नाम, जन्म तारीख, मोबाइल नंबर, ई-मेल और टैक्सपेयर का पता। वहीं, दूसरे पार्ट में टीडीएस/टीसीएस की जानकारी होती है। इसमें सोर्स पर डिडक्ट या कलेक्ट हुए टैक्स की इन्फॉर्मेशन होती है। दूसरे पार्ट के भी कई हिस्से होते हैं। ये निम्न हैं:

SFT इन्फॉर्मेशन: यहां एसएफटी का मतलब स्टेटमेंट ऑफ फाइनेंशियल ट्रांजेक्शंस से है। इस अनुभाग में रिपोर्टिंग सस्थानों से प्राप्त फाइनेंशियल ट्रांजेक्शंस की डिटेल होती है। इसमें एसएफडी कोड, इन्फॉर्मेशन डिस्क्रिप्शन और इन्फॉर्मेशन वेल्यू होती है।

करों का भुगतान: इसमें वित्त वर्ष के दौरान एडवांस टैक्स और सेल्फ असेसमेंट टैक्स जैसे डिफरेंट हेड्स के तहत किये गए टैक्स पेमेंट से जुड़ी सूचना होती है।

डिमांड एंड रिफंड: इसमें वित्त वर्ष के दौरान टैक्स डिमांड और रिफंड की जानकारी होती है। हालांकि, इस समय डिमांड से जुड़ी जानकारी इसमें उपलब्ध नहीं है।

अन्य जानकारी: इसमें दूसरे सोर्सेस से प्राप्त इन्फॉर्मेशन की डिटेल होती है। जैसे Annexure II salary, रिफंड पर ब्याज, विदेशी रेमिटेंस, विदेशी करेंसी की खरीद जैसा डेटा यहां होता है।

कैसे चेक करें अपना AIS?

स्टेप 1. इनकम टैक्स ई फाइलिंग पोर्टल https://www.incometax.gov.in/iec/foportal/ पर जाएं।
स्टेप 2. Login पर क्लिक करें। चेक बॉक्स में टिक करके पैन नंबर और पासवर्ड डालकर लॉगइन करें।
स्टेप 3. असेसमेंट ईयर सलेक्ट करें।
स्टेप 4. मैन्यू बार में से इनकम टैक्स रिटर्न्स में होकर व्यू एनुअल इन्फॉर्मेशन स्टेटमेंट पर क्लिक करें और प्रोसीड करें।
स्टेप 5. अब डाउनलोड AIS पर क्लिक करें।
स्टेप 6. पीडीएफ डाउनलोड होने के बाद आपको पासवर्ड से इसे खोलना होगा। यह पासवर्ड स्मॉल लेटर में आपका पैन नंबर और जन्म तारीख होगी।

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Updated on:
27 Jul 2025 07:39 am
Published on:
24 Jul 2025 04:23 pm
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