India smartphone shipment decline: रिपोर्ट के अनुसार भारत का स्मार्टफोन बाजार 2026 की पहली तिमाही में छह साल के सबसे निचले स्तर पर आ गया। मेमोरी चिप की बढ़ती कीमतों और कमजोर रुपए ने 15,000 रुपए से कम वाले बजट सेगमेंट को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है।
Smartphone Price Hike India: काउंटरपॉइंट रिसर्च (Counterpoint Research) की ताजा रिपोर्ट बताती है कि जनवरी से मार्च 2026 की शुरुआत में स्मार्टफोन बाजार छह साल के सबसे निचले स्तर पर आ गया। बिक्री में आई इस गिरावट की सबसे बड़ी मार 15,000 रुपए से कम वाले सेगमेंट पर पड़ी है। इससे पहले एक वक्त था जब 10,000 से 15,000 रुपए में अच्छा स्मार्टफोन मिल जाता था। लेकिन 2026 की शुरुआत में यह हिसाब बिगड़ गया है। मेमोरी चिप का महंगा होना, कमजोर होता रूपया और बढ़ता घरेलू खर्च ये तीन कारण इस गिरावट के सबसे अहम है।
काउंटरपॉइंट रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक 15,000 वाले सेंगमेंट में प्राइस हाइक का असर सबसे ज्यादा रहा है। औसतन एक स्मार्टफोन की कीमत 1,500 रुपए से ज्यादा बढ़ी है, और यह बढ़ोतरी उस खरीदार के लिए बड़ी रकम है जिसका पूरा बजट ही 10,000 से 12,000 रुपए के बीच होता है।
कीमतों का बढ़ना कंपनी के हाथ में नहीं है, न ही इससे कंपनियों को एक्स्ट्रा मुनाफा हो रहा है। इसका मुख्य कारण है ग्लोबल सप्लाई चेन में आया बदलाव। इसके चलते NAND और DRAM यानी स्मार्टफोन में इस्तेमाल होने वाली स्टोरेज और रैम चिप की कीमतें पिछली कुछ तिमाहियों में कई गुना बढ़ चुकी हैं। इसके अलावा रुपए में आई कमजोरी ने इंपोर्ट की लागत को और बढ़ा दिया।
जो खरीदार अभी खरीदारी टाल रहे हैं, उन्हें आने वाले महीनों में और महंगे दाम का सामना करना पड़ सकता है। Counterpoint Research के रिसर्च डायरेक्टर Tarun Pathak ने चेतावनी दी है कि अप्रैल से जून 2026 की तिमाही में गिरावट डबल-डिजिट में जा सकती है। यानी शिपमेंट में और गिरावट आ सकती है और पूरे साल की बिक्री में लगभग 10 फीसदी की कमी आने का अनुमान है।
गिरावट के इस दौर में भी कुछ ब्रांड्स ने अपनी पकड़ बनाए रखी। Vivo ने 21 फीसदी मार्केट शेयर के साथ बाजार में पहला स्थान बरकरार रखा। Samsung 17 फीसदी के साथ दूसरे और Oppo 13.6 फीसदी के साथ तीसरे नंबर पर रहा। Xiaomi और Realme क्रमश 12.1 फीसदी और 8.9 फीसदी के साथ टॉप-5 में बने रहे। गौरतलब है कि Oppo, Vivo और Realme तीनों चीन की BBK Electronics के ब्रांड हैं और मिलकर बाजार का करीब 50 फीसदी हिस्सा नियंत्रित करते हैं। प्रीमियम सेगमेंट में Google ने 39 फीसदी की सालाना बढ़त के साथ सबसे तेज ग्रोथ दर्ज की, जबकि London की कंपनी Nothing ने 47 फीसदी की साल दर साल ग्रोथ के साथ सबसे तेज बढ़त बनाई है।