वैभव अग्रवाल, हेड, रिसर्च एंड एआरक्यू, एंजल ब्रोकिंग
नई दिल्ली. बीते तीन वर्ष में इक्विटी म्युच्युअल फंडों में तेजी से निवेश बढ़ा है, जो इक्विटी बाजारों में भारतीय निवेशकों का विश्वास फिर से लौटने की पुष्टि करता है। हालांकि, इक्विटीज व इक्विटी फंड में जोखिम अधिक होती है, लेकिन लंबी अवधि में यह शानदार रिटर्न देते हैं। इक्विटी फंड में निवेश कर आप बेहतर रिटर्न प्राप्त कर सकते हैं। हम आपको यहां इक्विटीज एवं इक्विटी फंडों में निवेश करने के ६ मुख्य कारण बता रहे हैं।
500 रुपए से शुरू कर सकते है निवेश
आप 500 रू. से इक्विटी म्युच्युअल फंड में निवेश शुरू कर सकते हैं। इसके लिए आप एक डिमेट एकाउंट खोल कर निवेश की शुरुआत कर सकते हैं। आप अपनी पसंद की किसी कंपनी का एक शेयर खरीद सकते हैं। इक्विटी व इक्विटी फंडों में निवेश के लिए आपको बहुत ही मामूली शुल्क देना होता है।
3 दिन में निकासी
इक्विटी फंड से पैसा निकालना बहुत ही आसान है। वर्तमान बाजार की तरलता आपको रिडीम करने एवं 2-3 दिनों में रकम प्राप्त करने की सुविधा देती है। हालांकि, कुछ स्टॉक में समस्या हो सकती है।
जीडीपी ग्रोथ का लाभ
भारत में इक्विटीज फंड में निवेश करना भारत के निवेश संभावना में हिस्सा लेने जैसा है। दूसरा सबसे बड़ा लाभ है कि यह भारतीय अर्थव्यवस्था लगभग 7त्न की दर से बढ़ रही है।
महंगाई से मुकाबला
इक्विटी में निवेश करने का यह बड़ा फायदा है। लंबी अवधि में इक्विटी फंड मुद्रास्फीति के सामने श्रेष्ठ सुरक्षा प्रदान करते हैं। एक बैंक एफडी का प्रतिफल 8त्न से कम होता है जो ग 4त्न मुद्रास्फीति की तुलना में अपर्याप्त हो सकता है।
टैक्स छूट का लाभ
इक्विटी फंड कई तरह से टैक्स की दृष्टि से किफायती है। इक्विटी फंडों के मामले में लाभांश निवेशकों के हाथों में पूर्णत: कर मुक्त होता है। एक वर्ष से अधिक समय तक इक्विटी को रखने पर दीर्घकालीन लाभ कर मुक्त है।
बेहतर रिटर्न का साथी
अंत में लंबी अवधि में संपत्ति सर्जन का एकमात्र मार्ग इक्विटीज है। विभिन्न अध्ययन दर्शाते हैं कि इक्पिटीज दीर्घकालीन निवेश के लिए श्रेष्ठ संपत्ति श्रेणी होती हैं। कम्पाउंडिंग की क्षमता के साथ इक्विटी आपकी संपत्ति को कई गुना कर सकती है। हालांकि दीर्घकाल में अच्छा परिणाम प्राप्त करने के लिए इक्विटीज के लिए स्थायी एवं अनुशासित रूख का अनुकरण करना अति महत्वपूर्ण है।बेहतर रिटर्न का साथी