Stock Market: मॉडल पोर्टफोलियो व सलाहकार सेवा प्रदान करने वाली कंपनी Smallcase (स्मॉलकेस) को SEBI ने 28.6 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। SEBI ने कहा कि Smallcase ऐसी सर्विस बेच रहा है जो आरए रेग्युलेशन और रिसर्च एनालिस्ट्स प्रोफेशनल स्टैंडर्ड के विपरीत है। हालांकि फिनसेक लॉ एडवाइजर्स के मैनेजिंग पार्टनर संदीप पारेख ने SEBI के आदेश का विरोध किया है।
Stock Market: अगर आप शेयर मार्केट में निवेश करते हैं तो Smallcase (स्मॉलकेस) के बारे में तो जरूर जानते होंगे। स्मॉलकेस के द्वारा आप अलग-अलग सेक्टर के स्टॉक्स में निवेश कर सकते हैं। Smallcase स्टॉक्स का एक ग्रुप बनाकर रखता है जिसमें आप अपने पसंद के हिसाब से खरीद सकते हैं। आप जो भी Smallcase खरीदते हैं उसके लिस्ट के सारे स्टॉक्स एक बार में बॉय हो जाते हैं, ऐसे ही एक बार में सेल भी हो जाते हैं। Smallcase फ्री और पेड दोनों प्रकार की सर्विस देता है।
सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड (SEBI) ने 6 मई 2022 को एक आदेश जारी किया जिसके अनुसार रजिस्टर्ड रिसर्च एनालिस्ट्स न तो मॉडल पोर्टफोलियो जारी कर सकते हैं और न ही एडवाइजर्स सर्विस दे सकते हैं। SEBI ने रजिस्टर्ड रिसर्च एनालिस्ट और स्टैलियन एसेट नामक फर्म के अनुसंधान विश्लेषक और मालिक पर 28.6 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। SEBI के इस आदेश के बाद Smallcase (स्मॉलकेस) भी प्रभावित हो सकती है। Smallcase भी मॉडल पोर्टफोलियो पेश करती है।
जेसवानी को जारी हो चुका है नोटिस
SEBI के अनुसार 4 मई 2021 को जेसवानी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था जिसमें कहा था कि यह देखा गया है कि एक शोध विश्लेषक होने के नाते संभावित ग्राहकों को मॉडल पोर्टफोलियो उत्पाद बेचा जा रहा है, जो आरए विनियमों और अनुसंधान विश्लेषक के पेशेवर मानकों में उल्लिखित अनुसंधान विश्लेषक की परिभाषा के खिलाफ है।
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कारण बताओ नोटिस के बाद जेसवानी तथ्यों के निष्कर्षों या कानून के निष्कर्ष को स्वीकार या अस्वीकार किए बिना 27 अक्टूबर को निपटान के लिए आवेदन किया। नियामक ने तब 28.6 लाख की राशि के लिए एक समझौता आदेश पारित किया और जेसवानी को सेबी के तहत किसी भी अन्य पंजीकरण को प्राप्त करने से रोक दिया।
फिनसेक लॉ एडवाइजर्स के मैनेजिंग पार्टनर संदीप पारेख SEBI के आदेश का किया विरोध
फिनसेक लॉ एडवाइजर्स के मैनेजिंग पार्टनर संदीप पारेख ने SEBI के आदेश का विरोध किया है। संदीप पारेख ने कहा कि मॉडल पोर्टफोलियो की पेशकश कानूनी परिभाषा के अंदर है कि शोध विश्लेषक क्या कर सकता है। यह दिखाने के लिए कोई सबूत नहीं है कि जेसवानी बेईमान या गलत काम कर रहे हैं। SEBI के द्वारा एकमात्र समस्या यह दिखाई गई है कि उसने ग्राहकों के साथ कॉल पर 'सलाहकार सेवाएं' प्रदान की जो नैतिक उल्लंघन या नियामक उल्लंघन का प्रतीत नहीं है। यह भी चिंताजनक है कि SEBI ने इस तरह के एक मामले को कार्यवाही के लिए चुना है, जबकि सचमुच हजारों सोशल मीडिया में 'स्टॉक टिप्स' दिए जा रहे हैं।
इस आदेश का Smallcase (स्मॉलकेस) पर क्या पड़ेगा असर
Smallcase (स्मॉलकेस) भी अपने प्लेटफार्म के जरिए मॉडल पोर्टफोलियो पेश करती है। जिसके जरिए लोग शेयर मार्केट में निवेश करते हैं। अगर SEBI मॉडल पोर्टफोलियो पेश करने से रोकती है तो Smallcase मॉडल पोर्टफोलियो पेश नहीं कर पाएगा।
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