14 जून 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

HRA नहीं मिलने पर भी कर सकते हैं रेंट डिडक्शन क्लेम, जानिए सेक्शन 134 के नियम और ITR में क्लेम करने का तरीका

ITR Filing: इनकम टैक्स अधिनियम 2025 का सेक्शन 134 उन करदाताओं को किराए पर टैक्स राहत देता है जिन्हें HRA नहीं मिलता। इसके लिए फॉर्म 31 जैसे दस्तावेज जमा करने होते हैं।

2 min read
Google source verification
Rent Deduction claim process

ITR Filing में किराए के भुगतान पर टैक्स क्लेम कर सकते हैं। (PC : Freepik)

ITR Filing 2026: इनकम टैक्स नियमों में रेंट पे करने वाले टैक्सपेयर्स के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान मौजूद हैं। आम धारणा यह है कि केवल वही कर्मचारी किराए पर टैक्स लाभ प्राप्त कर सकते हैं, जिन्हें सैलरी में हाउस रेंट अलाउंस (HRA) मिलता है। लेकिन नया प्रावधान उन लोगों को भी राहत देता है जिन्हें HRA नहीं मिलता। इनकम टैक्स अधिनियम, 2025 का सेक्शन 134 ऐसे पात्र करदाताओं को किराए पर डिडक्शन का क्लेम करने की अनुमति देता है। यह सुविधा वेतनभोगी और सेल्फ एम्प्लॉयड दोनों कैटेगरीज के लिए उपलब्ध है। लेकिन कुछ निश्चित शर्तों का पालन करना अनिवार्य है।

क्या कहता है सेक्शन 134?

सेक्शन 134 उन व्यक्तियों के लिए बनाया गया है, जिन्हें नियोक्ता से किसी प्रकार का कोई भी HRA प्राप्त नहीं होता। इसका लाभ लेने के लिए कुछ जरूरी शर्तें होती हैं। जैसे- टैक्सपेयर जिस आवास में रहता है, उसके लिए किराया भुगतान करता हो। इसके अलावा वह करदाता जिस शहर में काम करता है, उस शहर में उसकी या उसके जीवनसाथी और ऐसे हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) जिसका वह सदस्य है, कि कोई संपत्ति नहीं होनी चाहिए।

इस कटौती का दावा करने के लिए निर्धारित घोषणा पत्र फॉर्म 31 दाखिल करना अनिवार्य है। इस वैध घोषणा पत्र या पर्याप्त प्रमाण के बिना किए गए दावे की विभाग जांच कर सकता है, साथ ही दावा खारिज किया जा सकता है।

कितना क्लेम मिल सकता है?

सेक्शन 134 के तहत मिलने वाली कटौती का लाभ तीन निर्धारित सीमाओं में से सबसे कम राशि के आधार पर तय होता है।

  • पहली सीमा: आपके सालाना किराए में से आपकी सालाना आय का 10 फीसदी घटाने पर प्राप्त रकम
  • दूसरी सीमा: प्रति माह 5,000 रुपये यानी सालाना 60,000 रुपये तक
  • तीसरी सीमा: कुल आय का 25 फीसदी

इन तीनों में जो राशि सबसे कम होगी, वही कटौती के रूप में स्वीकार की जाएगी।

ITR फाइलिंग के समय जरूरी दस्तावेज

डिडक्शन क्लेम करते समय टैक्सपेयर्स को किराए की रसीदें, किराया एग्रीमेंट और भुगतान के प्रमाण जैसे बैंक ट्रांसफर, यूपीआई या अन्य ट्रेसेबल माध्यमों का रिकॉर्ड सुरक्षित रखना चाहिए। यदि वार्षिक किराया 1 लाख रुपये से अधिक है, तो मकान मालिक का पैन नंबर देना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही फॉर्म 10BA को फाइल करना जरूरी है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए पात्र कटौती राशि ITR में चैप्टर VI-A के अंतर्गत संबंधित कॉलम में दर्शानी होगी। यह लाभ केवल पुरानी टैक्स व्यवस्था चुनने वाले करदाताओं के लिए उपलब्ध है।