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RBI MPC Meeting: क्या बैंक एफडी पर बढ़ सकती हैं ब्याज दरें, जानिए क्या कह रहे एक्सपर्ट्स

FD Latest News: लगातार बढ़ती महंगाई और लोन की मांग में बढ़ोतरी के चलते आने वाले समय में बैंक FD की ब्याज दरें बढ़ा सकते हैं। लेकिन पहले एक्सपर्ट्स RBI की पॉलिसी में किसी भी बदलाव का इंतजार कर रहे हैं।
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FD Interest Rate May Rise

FD की ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना है। (फोटो: AI)

RBI Monetary Policy: फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में निवेश करने वाले लोग हमेशा से FD पर मिलने वाली ब्याज दर के बढ़ने का इंतजार करते हैं। ऐसे में कुछ एक्सपर्ट्स मानते है कि आने वाले समय में FD की ब्याज दर बढ़ाई जा सकती है। बढ़ती महंगाई, बैंकों में कर्ज की बढ़ती मांग और कम जमा राशि के चलते बैंक चुनिंदा अवधि की FD पर ब्याज दरें बढ़ाने पर विचार कर सकते हैं। हालांकि, अभी यह पूरी तरह से तय नहीं है और बैंकों का फैसला रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति, नकदी की स्थिति और बाजार की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।

महंगाई बढ़ने से FD ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना

देश में खुदरा महंगाई लगातार बढ़ रही है। जून 2026 में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आंकड़ों के मुताबिक महंगाई दर बढ़कर 4.38 फीसदी पहुंच गई, जबकि जनवरी 2026 में यह 2.74 फीसदी थी। यह RBI के 4 फीसदी के टार्गेट से ऊपर है। ऐसे में अगर आने वाले महीनों में महंगाई और बढ़ती है तो RBI रेपो रेट में बढ़ोतरी पर विचार कर सकता है। जब RBI रेपो रेट बढ़ाता है, तो बैंकों को अपनी कुछ जमा राशियों पर FD रेट बढ़ाने में थोड़ी मदद मिल सकती है।

Loan तेजी से बढ़ रहे

FD की ब्याज दरें बढ़ने की एक बड़ी वजह बैंकों की जमा जरूरत भी होती है। RBI के आंकड़ों के अनुसार, 15 जुलाई 2026 तक बैंकों का कर्ज सालाना आधार पर 17.7 फीसदी बढ़कर 217.3 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि जमा वृद्धि 12.7 फीसदी रही। यानी बैंक ग्राहकों को ज्यादा कर्ज दे रहे हैं, लेकिन उसके मुकाबले जमा राशि उतनी तेजी से नहीं बढ़ रही है। अगर यह अंतर आगे भी बना रहता है तो बैंक ज्यादा से ज्यादा ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए FD पर बेहतर ब्याज देने का रास्ता अपना सकते हैं। बैंक बाजार के CEO आदिल शेट्टी (Adhil Shetty) के अनुसार, जब क्रेडिट और डिपॉजिट ग्रोथ के बीच अंतर लंबे समय तक बना रहता है, तो बैंकों को भविष्य की लोन जरूरतों को पूरा करने के लिए ज्यादा जमा जुटानी पड़ती है।

G-Sec और छोटी बचत योजनाओं से मुकाबला

FD दरों पर दबाव का एक कारण सरकारी बॉन्ड और छोटी बचत योजनाएं भी हैं। 10 साल की सरकारी सिक्योरिटीज (G-Sec) की यील्ड करीब 6.83 फीसदी बनी हुई है। वहीं, सुकन्या समृद्धि योजना और वरिष्ठ नागरिक बचत योजना जैसी योजनाएं 8.2 फीसीद तक ब्याज दे रही हैं। ऐसे में बैंक ग्राहकों को FD में बनाए रखने और नई जमा आकर्षित करने के लिए ब्याज दरों को बढ़ा सकते हैं।

कब बढ़ सकती हैं FD दरें?

MyMoneyMantra के फाउंडर राज खोसला का कहना है कि RBI की नीति में बदलाव के बाद बैंक कुछ दिनों से लेकर 4-6 सप्ताह के भीतर FD दरों में संशोधन कर सकते हैं। हालांकि, हर बैंक अपनी फंडिंग जरूरत और नकदी की स्थिति के अनुसार फैसला लेगा। अगर FD दरों में बढ़ोतरी होती है तो शुरुआत में शॉर्ट और मीडियम टर्म जमा योजनाओं पर इसका असर देखने को मिल सकता है।