Investment Tips: निवेशक अक्सर फ्यूचर की प्रीडिक्शन तो कर लेते हैं, लेकिन सही रिस्क मैनेजमेंट नहीं कर पाते। कब और कितना दांव खेलना है, यह पता होना बहुत जरूरी है।
डेरिवेटिव ट्रेडिंग यानी फ्यूचर एंड ऑप्शंस (F&O) के साथ इंट्राडे ट्रेडिंग में छोटे निवेशकों को होने वाले बड़े घाटे को लेकर बाजार नियामक सेबी की ओर से बार-बार चेतावनी देने के बावजूद एफएंडओ ट्रेडर्स की संख्या लगातार बढ़ रही है। वर्ष 2021-22 से अब तक यानी पिछले 4 साल में एफएंडओ ट्रेडर्स की संख्या 125% बढ़कर 96 लाख हो गई है। वहीं, इस दौरान डेरिवेटिव ट्रेडिंग से होने वाला औसत घाटा भी 40,824 रुपए से 159% बढ़कर 1.05 लाख रुपए हो गया है। इतना ही नहीं, इंट्राडे में भी 71% लोगों को घाटा होता है। इसके उलट आंकड़े बताते हैं कि इक्विटी फंड्स ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है। 90% इक्विटी फंड्स ने पिछले 5 साल में निवेशकों को औसतन 20% से अधिक रिटर्न दिया है।
एक्सपर्ट्स के अनुसार, ट्रेडिंग में सही रिस्क मैनेजमेंट बहुत जरूरी है। जीरोधा के नितिन कामथ कहते हैं कि अक्सर ट्रेडर्स फ्यूचर का तो सही अंदाजा लगा लेते हैं, लेकिन सही से रिस्क मैनेजमेंट नहीं कर पाते। कामथ ने समझाने के लिए 'क्रिस्टल बॉल चैलेंज' का उदाहरण भी दिया। क्रिस्टल बॉल चैलेंज में फाइनेंस के 118 अमेरिकी स्टूडेंट्स को अगले दिन का वॉल स्ट्रीट जर्नल दे दिया और फिर ट्रेडिंग करने को कहा। अगले दिन का वॉल स्ट्रीट जर्नल होने के बावजूद आधे से ज्यादा स्टूडेंट्स को ट्रेडिंग में लॉस हुआ। यह बताता है कि सिर्फ फ्यूचर की जानकारी होना ही काफी नहीं होता।
क्रिस्टल बॉल चैलेंज के नतीजे चौंकाने वाले थे। 118 स्टूडेंट्स को अगले दिन का वॉल स्ट्रीट जर्नल तक दे दिया गया था, फिर भी आधे से ज्यादा स्टूडेंट्स को जबरदस्त लॉस हुआ। जबकी 51.5% स्टूडेंट्स ने मार्केट की दिशा के बारे में सही अंदाजा लगाया था। 118 स्टूडेंट्स में से 16% स्टूडेंट्स ने तो सब कुछ ट्रेडिंग में खो दिया था। जबकि इस दौरान मार्केट ने औसतन 3.2 फीसदी रिटर्न दिया था।
निखिल कामथ कहते हैं कि भले ही आपके पास फ्यूचर का अनुमान हो, लेकिन जब तक सही रिस्क मैनेजमेंट नहीं होगा, तब तक आप मुनाफा नहीं कमा सकते। कामथ कहते हैं कि सही प्रीडिक्शन के साथ सही पोजीशन साइज भी आवश्यक है। स्टूडेंट्स की पोजीशन साइज में दिक्कत थी। कई स्टूडेंट्स ने तो एक ही ट्रेड में भारी पोजीशन ले ली थी। वहीं, कुछ स्टूडेंट्स ने लीवरेज का 20 गुना तो कुछ स्टूडेंट्स ने 60 गुना तक यूज कर लिया था। ऐसे स्टूडेंट्स को काफी नुकसान हुआ। जिन स्टूडेंट्स ने सही साइज की पोजीशन ली, उन्हें ठीक-ठाक मुनाफा हुआ।
5 अनुभवी ट्रेडर्स को पता था कि उन्हें रिस्क कितना लेना है, उन्हें 130% से ज्यादा औसत मुनाफा कमाया। उन्होंने अनिश्चित परिस्थितियों के दौरान छोटे साइज को पोजीशन लिए। जब स्थितियां अनुकूल दिखीं, तो उन्होंने बड़े साइज के पोजीशन लिए। कामथ कहते हैं कि प्रीडिक्शन गलत होने पर आपको खुद को बचाना भी आना चाहिए। जब आपको पता होता है, कि आपको कब कितना दांव लगाना है, तो आप मुनाफा कमाते हैं।
(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी मात्र है। यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर मार्केट में निवेश जोखिम भरा होता है। कहीं भी पैसा लगाने से पहले अपने निवेश सलाहकार से परामर्श लें।)