निवेशक अपनी यूनिट के मूल्य का 90 प्रतिशत तक निकाल सकते हैं, जो तत्काल एक्सेस सुविधा के लिए 50 हजार रुपए की सीमा के अधीन है।
नई दिल्ली। सेबी (SEBI) ने निवेशकों को राहत देते हुए इंस्टेंट एक्सेस की सुविधा प्रदान की है। इसके तहत रिडेम्पशन रिक्वेस्ट से कुछ ही घंटों या मिनटों के भीतर अपने फंड से पैसा निकाल सकते हैं। निवेशक अपनी यूनिट के मूल्य का 90 प्रतिशत तक निकाल सकते हैं, जो तत्काल एक्सेस सुविधा के लिए 50 हजार रुपए की सीमा के अधीन है।
सेबी ने इस सिलसिले में 2017 के सर्कुलर को संशोधित किया है। साथ ही म्यूचुअल फंड हाउसों को ओवरनाइट फंड में तत्काल पहुंच की सुविधा देने की अनुमति दी है। नया नियम तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। इंस्टेंट एक्सेस सुविधा उनको मिलेगी, जो रिडेम्पशन रिक्वेस्ट के कुछ मिनटों के भीतर अपने फंड तक पहुंच सकते हैं।
फंड को दूसरी जगह करेंगे इन्वेस्ट
एक दिसंबर 2021 से सेबी ऐसी रकम जिस पर क्लेम नहीं किया गया हो, उस धन और लाभांश को म्यूचुअल फंड की ओवरनाइट स्कीम, तरल और मुद्रा बाजार योजनाओं में निवेश की अनुमति देगा। पहले इस तरह के पैसे को कॉल मनी, लिक्विड और मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश किया जा सकता था।
डीमैट अकाउंट को लेकर भी बदलाव
नया ट्रेडिंग और डीमैट अकाउंट खुलवाने वालों के लिए सेबी ने नियमों में कुछ बदलाव किए हैं। इसके तहत अकाउंट खोलने से पहले एक नॉमिनेशन फॉर्म भरना होगा, जिसके जरिए निवेशक किसी को नॉमिनी बना सकता है। अगर वे ऐसा नहीं चाहते हैं तो इसके बदले उन्हें एक डिक्लेरेशन फॉर्म भरना होगा। यह नियम एक अक्टूबर से लागू होगा।