एनेल (Enel Group) यूरोप के प्रमुख सिमोन मोरी के अनुसार कंपनी हाइड्रोजन को भविष्य के हरित ईंधन के रूप में देखा रही है।
नई दिल्ली। मुख्य कार्यकारी फ्रांसेस्को स्टारेस (Francesco Starace) ने शनिवार को अपने बयान में कहा कि इटली की कंपनी एनेल (Enel Group) भारत की बिजली वितरण प्रणाली में प्रवेश करने की संभावना को देख रही है, क्योंकि देश बिजली क्षेत्र में सुधार की ओर अग्रसर है।
इस बीच, एनेल अपने नवीकरणीय ऊर्जा कारोबार का विस्तार करने की योजना के तहत रूस में एक हरित हाइड्रोजन परियोजना विकसित करने का मन बनाया है।
हाइड्रोजन उत्पादन की संभावना का परीक्षण
एनेल यूरोप के प्रमुख सिमोन मोरी के अनुसार कंपनी रूसी राज्य के स्वामित्व वाली प्रौद्योगिकी कंपनी रोसनानो के साथ मिलकर उत्तरी रूस के मरमंस्क क्षेत्र में एक पवन टरबाइन संयंत्र से जुड़े हाइड्रोजन के उत्पादन की संभावना का परीक्षण कर रही है। उनका कहना है “हम मानते हैं कि रूस में हरित उत्पादन के लिए बड़े अवसर हैं।”
दरअसल हाइड्रोजन को भविष्य के हरित ईंधन के रूप में तेजी से देखा जा रहा है। सरकार और निगमों का दावा है कि हाइड्रोजन ब्रह्मांड के सबसे प्रचुर तत्व जलवायु परिवर्तन से निपटने में मदद कर सकता है।
अक्षय ऊर्जा द्वारा संचालित इलेक्ट्रोलिसिस के जरिए पानी से ग्रीन हाइड्रोजन निकाला जाता है। इस प्रकार का हाइड्रोजन उत्पादन कोयले या प्राकृतिक गैस से निकालने की तुलना में ज्यादा स्वच्छ होता है। तेल और गैस में समृद्ध रूस, वैश्विक हाइड्रोजन बाजार में 20 प्रतिशत तक की हिस्सेदारी चाहता है।