डॉ मनिका खन्ना की कंपनी Gaudium IVF and Women Health Limited का IPO 20 फरवरी 2026 से खुला है। 22 राज्यों में सक्रिय यह फर्टिलिटी नेटवर्क अब शेयर बाजार में 165 करोड़ रुपये जुटाने जा रहा है।
Gaudium IVF IPO GMP: दुनिया भर में लाखों दंपती ऐसे हैं जिन्हें तमाम कोशिशों के बावजूद माता-पिता बनने का सुख नहीं मिल पाता। आधुनिक मेडिकल साइंस ने ऐसे परिवारों के लिए नई उम्मीदें जगाई हैं। इसी कड़ी में दिल्ली की डॉ. मनिका खन्ना की कंपनी Gaudium IVF and Women Health Limited का IPO आज 20 फरवरी 2026 से खुल गया है, जो उनकी सफलता की नई कहानी लिख रहा है।
डॉ मनिका खन्ना का जन्म डॉक्टर परिवार में हुआ। उन्होंने दिल्ली के दिल्ली पब्लिक स्कूल आरके पुरम (DPS RK Puram) से स्कूली शिक्षा पूरी की और 1991 में बड़ौदा मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लिया। वहां से एमबीबीएस और एमडी दोनों गोल्ड मेडल के साथ पूरे किए। आगे चलकर उन्होंने जर्मनी और ऑस्ट्रेलिया से IVF तकनीक में एडवांस ट्रेनिंग ली। दिल्ली आकर उन्होंने कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) के अस्पताल में इंटर्नशिप की, जहां उनकी मुलाकात बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पीयूष खन्ना से हुई, जो बाद में उनके जीवनसाथी बने।
2009 में उन्होंने Gaudium IVF and Women Health Limited की स्थापना की। शुरुआत एक सेंटर से हुई, जो आज 22 राज्यों तक पहुंच चुका है। कंपनी हब एंड स्पॉक मॉडल पर काम करती है, जिसमें 7 हब और 26 स्पॉक सेंटर संचालित हैं। अब तक 30 हजार से ज्यादा बच्चों का जन्म IVF तकनीक के माध्यम से हो चुका है। इसी उपलब्धि के कारण उन्हें IVF Queen के नाम से पहचान मिली। कंपनी IVF, ICSI, IUI और ओव्यूलेशन इंडक्शन जैसी फर्टिलिटी सर्विस देती है। भारत के अलावा 30 देशों से मरीज यहां इलाज कराने आते हैं, क्योंकि अमेरिका जैसे देशों में एक साइकिल की लागत 17 से 18 लाख रुपये है, जबकि यहां पर यह सुविधा 2 से 3 लाख रुपये में संभव है।
Gaudium IVF and Women Health Limited का IPO आज निवेश के लिए खुल गया है। कंपनी ने 5 रुपये फेस वैल्यू वाले शेयर का प्राइस बैंड 75 से 79 रुपये तय किया है। अपर बैंड के आधार पर IPO का कुल साइज करीब 165 करोड़ रुपये है। शेयरों की लिस्टिंग 27 फरवरी 2026 को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर प्रस्तावित है। ग्रे मार्केट में इसका प्राइस 8 रुपये बढ़त के साथ आंका जा रहा है। कंपनी इस फंड का उपयोग विस्तार, नई टेक्नोलॉजी और इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने में करेगी।