
Kwick Forensic GMP: आईपीओ बाजार में एक और कंपनी ने दस्तक दे दी है। क्विक फोरेंसिक सोल्यूशंस का IPO 27 अगस्त से खुल गया है और इसमें निवेशक 31 अगस्त तक बोली लगा सकते हैं। कंपनी ने आईपीओ के लिए शेयर का प्राइस बैंड 85 से 90 रुपये तय किया है। वहीं, ग्रे मार्केट में शेयर को लेकर माहौल फिलहाल काफी मजबूत नजर आ रहा है। आईपीओ के ऊपरी प्राइस बैंड 90 रुपये के मुकाबले ग्रे मार्केट में 64 रुपये का प्रीमियम चल रहा है। इस हिसाब से शेयर की संभावित लिस्टिंग कीमत करीब 154 रुपये बैठती है। यानी मौजूदा GMP के आधार पर निवेशकों को करीब 71.11 फीसदी प्रीमियम मिलने का संकेत मिल रहा है। हालांकि, ग्रे मार्केट के आंकड़े सिर्फ संकेत होते हैं और वास्तविक लिस्टिंग कीमत इससे अलग हो सकती है।
क्विक फोरेंसिक सोल्यूशंस IPO को पहले ही दिन निवेशकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला। 27 अगस्त को 12 बजकर 17 मिनट तक इश्यू कुल 2.68 गुना सब्सक्राइब हो चुका था। इस समय तक रिटेल निवेशकों के लिए तय हिस्सा 4.88 गुना भर गया था। जबकि नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स यानी NII कैटेगरी में 1.11 गुना बोली लग चुकी थी। वहीं, QIB कैटेगरी में उस समय तक बोली नहीं मिली थी। कंपनी को 1,00,65,600 शेयरों के लिए बोली मिल चुकी थी, जबकि 37,55,200 शेयर ऑफर किए गए हैं।
क्विक फोरेंसिक सोल्यूशंस का आईपीओ कुल 50.77 करोड़ रुपये का है। इसमें 46 लाख नए शेयर जारी किए जा रहे हैं, जिनकी कीमत करीब 41.05 करोड़ रुपये है। इसके अलावा 11 लाख शेयरों का ऑफर फॉर सेल यानी OFS है, जिसकी वैल्यू करीब 9.72 करोड़ रुपये है। कंपनी आईपीओ से मिलने वाली रकम का बड़ा हिस्सा कारोबार में इस्तेमाल होने वाली पूंजी यानी वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने में लगाएगी। इसके लिए करीब 31.42 करोड़ रुपये रखे गए हैं। बाकी रकम सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों में इस्तेमाल की जाएगी।
आईपीओ में एक लॉट 1,600 इक्विटी शेयरों का है। यानी निवेशकों को कम से कम 1,600 शेयरों के लिए बोली लगानी होगी। 90 रुपये के ऊपरी प्राइस बैंड के हिसाब से एक लॉट के लिए करीब 1.44 लाख रुपये लगाने होंगे। शेयरों का अलॉटमेंट 1 सितंबर को फाइनल होने की उम्मीद है। कंपनी के शेयरों की BSE SME प्लेटफॉर्म पर लिस्टिंग 3 सितंबर को प्रस्तावित है।
क्विक फोरेंसिक सोल्यूशंस का कारोबार फॉरेंसिक साइंस, साइबर और डिजिटल फॉरेंसिक, DNA फॉरेंसिक, सबूतों के मैनेजमेंट और कानून लागू करने वाली एजेंसियों के लिए समाधान उपलब्ध कराने से जुड़ा है। कंपनी फिंगरप्रिंट और एविडेंस किट, डिजिटल फॉरेंसिक उपकरण, DNA फॉरेंसिक सोल्यूशन, मोबाइल क्राइम सीन इन्वेस्टिगेशन व्हीकल और पोर्टेबल फॉरेंसिक डिवाइस उपलब्ध कराती है। कंपनी इंस्टॉलेशन, ट्रेनिंग, डेमोंस्ट्रेशन और टेक्निकल सपोर्ट जैसी सेवाएं भी देती है।
सेबी रजिस्टर्ड निवेश सलाहकार डॉ रवि सिंह ने बताया कि क्विक फोरेंसिक सोल्यूशंस के वित्तीय प्रदर्शन में FY26 के दौरान मजबूत सुधार देखने को मिला। वित्त वर्ष 2025 में कंपनी की कुल आय 65.08 करोड़ रुपये थी, जो FY26 में बढ़कर 105.80 करोड़ रुपये हो गई। यानी सालाना आधार पर करीब 63 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। कंपनी का मुनाफा भी बढ़ा है। FY25 में 8.56 करोड़ रुपये का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स यानी PAT था, जो FY26 में 58 फीसदी बढ़कर 13.51 करोड़ रुपये हो गया।
डॉ रवि ने कहा कि आईपीओ में जीएमपी मजबूत है और पहले दिन सब्सक्रिप्शन भी अच्छा रहा है। कंपनी के रेवेन्यू और मुनाफे में भी अच्छी वृद्धि हुई है। ये बातें निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत हो सकती हैं। लेकिन निवेशकों को यह बात ध्यान रखनी होगी कि SME IPO में शेयरों की लिक्विडिटी और कीमत में उतार-चढ़ाव को लेकर अतिरिक्त सावधानी जरूरी होती है।
(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी मात्र है। यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर मार्केट/म्यूचुअल फंड में निवेश जोखिम भरा होता है। कहीं भी पैसा लगाने से पहले अपने निवेश सलाहकार से परामर्श लें।)