
नई दिल्ली। कोरोना के इस दौर में लोग पब्लिक ट्रांसपोर्ट में सफर करने से परहेज़ करने लगे हैं। महामारी के दौर में हर कोई सुरक्षित यात्रा को तव्वजो देने लगा है। इस वजह से गाड़ियों की बिक्री में अचानक उछाल आया है। लोग चाहते हैं कि वह खुद के पर्सनल व्हीकल से ही कहीं आएं-जाएं, लेकिन जिन लोगों के पास बजट का बंदोबस्त नहीं है। वह लोग नई गाड़ियों के मुकाबले पुरानी गाड़ियों को ज्यादा तवज्जो दे रहे हैं। पुरानी गाड़ियां नई गाड़ियों के मुकाबले काफी सस्ती पड़ती हैं साथ ही पुरानी गाड़ियों पर भी आसानी से लोन ( Loan on second hand car ) मिल जाता है। इस खबर में हम आपको बताते हैं पुरानी गाड़ियों पर लोन लेते समय किन बातों का खास तौर पर ध्यान रखना चाहिए।
अपने बजट का ख्याल रखें
पुरानी गाड़ी लोन पर लेने से पहले आपको अपने बजट का पूरा ध्यान रखना चाहिए। आपको मालूम होना चाहिए कि आप कितने रुपये डाउन पेमेंट दे पाएंगे और लोन कितने रुपए का लोन लेंगे। अगर आप डाउन पेमेंट कम देते हैं तो आपको लंबी अवधि तक ईएमआई देना होगा। जिसके ब्याज की दर काफी ज्यादा होती है।
तुलना करें
लोन की ब्याज दर, प्रोसेसिंग चार्जेज और अन्य चार्जेज के बारे में बैंक से अच्छी तरह मालूमात करें। सामान्यतः बैंक आपके डाउन पेमेंट देने की क्षमता पर आपके लोन की किस्तों की ब्याज की दर तय करता है। साथ ही आपके क्रेडिट स्कोर के बारे में भी वो पूरी तहकीकात करता है। इसलिए आप कहीं ऑनलाइन माध्यमों पर तुलना करके अच्छी डील हासिल कर सकते हैं। ध्यान रखें की गाड़ी ज्यादा पुरानी नहीं होनी चाहिए। ज्यादा पुरानी गाड़ियों पर बैंक लोन देने में हिचकती हैं।
लोन ऑफर के बारे में ध्यान
विभिन्न बैंकों द्वारा दिए जाने वाले लोन ऑफर के बारे में अच्छी तरह मालूमात कर लें। पता करें कि कौन सा बैंक पुरानी गाड़ियों पर सबसे कम ब्याज पर लोन उपलब्ध करा रहा है।
लोन की अवधि कितनी हो
पुरानी कारों के मामले में बैंक 5 साल की अवधि के लिए ही लोन प्रदान करते हैं। बता दें कि लोन की अवधि कार की दशा और उम्र देखकर तय की जाती है। बेहतर होगा कि आप ज्यादा पुरानी गाड़ी नहीं खरीदे क्योंकि 5 साल से ज्यादा पुरानी गाड़ियों पर बैंक और वित्तीय संस्थाएं लोन देने से डरती हैं, क्योंकि उनको ज्यादा रखरखाव की जरूरत होती है।
सभी दस्तावेजों को करें चेक
पुरानी कार की डील फाइनल करने से पहले सभी जरूरी दस्तावेजों को गौर से देख लें। कार की RC और बीमा वगैरह को चेक कर लें। साथ ही बीमा को तुरंत अपने नाम ट्रांसफर करवा लें। यह जांच लें कि गाड़ी एकदम अच्छी दशा में हैं और उसे रिपेयर वगैरह की जरूरत नहीं है।