March deadline: 31 मार्च को वित्त वर्ष 2025-26 खत्म हो रहा है। ऐसे में यह दिन कई वित्तीय कार्यों के लिए आखिरी तारीख है। इस डेडलाइन से चूकने पर आपको नुकसान हो सकता है।
March deadline: वित्त वर्ष 2025-26 समाप्त होने में सिर्फ 14 दिन बचे हैं। 31 मार्च कई जरूरी कार्यों की डेडलाइन होती है। इस समयसीमा को चूकने पर बड़ा नुकसान हो सकता है। 31 मार्च तक टैक्स सेविंग इन्वेस्टमेंट के साथ निवेश के प्रूफ जमा कराने, संशोधित रिटर्न दाखिल करने जैसे महत्वपूर्ण कार्य निपटाना भी जरूरी है।
जिन लोगों ने पुरानी टैक्स व्यवस्था चुनी है, उनके लिए चालू वित्तीय वर्ष में टैक्स बचाने वाले निवेश करने का 31 मार्च आखिरी मौका है। धारा 80सी के तहत निवेश कर 1.5 लाख रुपए तक की टैक्स छूट ले सकते हैं। साथ ही आयकर अधिनियम की अलग- अलग धाराओं जैसे 80डी, 80 टीटीबी, 80ई, 80जी आदि के अंतर्गत विभिन्न कटौतियों का फायदा लेकर अपनी टैक्स देनदारी घटा सकते हैं।
कुछ सरकारी बचत योजनाओं में खाता सक्रिय रखने के लिए हर साल न्यूनतम निवेश करना जरूरी होता है। उदाहरण के लिए पीपीएफ में सालाना कम से कम 500 रुपए जमा करना जरूरी है। सुकन्या समृद्धि योजना में सालाना कम से कम 250 रुपए जमा करने होते हैं। अगर न्यूनतम राशि जमा नहीं की जाती, तो खाता निष्क्रिय हो सकता है और उसे दोबारा सक्रिय करने के लिए अतिरिक्त शुल्क देना पड़ता है। यह समय साल भर के निवेश लेनदेन की समीक्षा करने का भी है।
जिन कर्मचारियों ने अपने कार्यालय में वित्त वर्ष की शुरुआत में टैक्स बचाने वाले निवेश की जानकारी दी थी, उन्हें नियत तारीख से पहले अपने नियोक्ता को उससे जुड़े दस्तावेजी साक्ष्य जमा करने होंगे। आम तौर पर इनमें जीवन बीमा प्रीमियम की रसीद, निवेश स्टेटमेंट, होम लोन ब्याज सर्टिफिकेट, हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम की रसीद और एचआरए के लिए किराए की रसीद शामिल है। अगर इन्हें समय पर जमा नहीं किया जाता है, तो नियोक्ता ज्यादा टीडीएस की कटौती कर सकता है।
जिन लोगों ने होम लोन लिया है, उन्हें अपने बैंक से सालाना स्टेटमेंट या ब्याज का प्रमाणपत्र डाउनलोड कर लेना चाहिए। सेक्शन 24(बी) के तहत टैक्सपेयर होम लोन के ब्याज पर 2 लाख रुपए तक की कटौती का दावा कर सकते हैं। मूल राशि के पुनर्भुगतान पर 1.5 लाख रुपए तक की कटौती धारा 80सी के तहत उपलब्ध है।
वित्त वर्ष 2020-21 के लिए संशोधित रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख 31 मार्च, 2026 है। पहले दाखिल किए गए रिटर्न में कोई गलती है या अनजाने में आय से जुड़ी कुछ जानकारी देना भूल गए हैं, तो संशोधित रिटर्न फाइल कर सकतें हैं।
पिछले वित्त वर्ष 2024-25 के लिए टैक्स योग्य विदेशी आय का विवरण अपलोड करने की आखिरी तारीख 31 मार्च है। यदि रिटर्न धारा 139 (1) या धारा 139(4) के तहत दाखिल किया गया है, तो यह जरूरी है।
अगर आप एक वेतनभोगी कर्मचारी हैं और आपने मौजूदा वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान अपनी नौकरी बदली है, तो आपको अपनी पुरानी कंपनी से आय के विवरण फॉर्म 12बी में मौजूदा नियोक्ता को जमा करने होंगे। ऐसा इसलिए ताकि मौजूदा नियोक्ता की ओर से स्रोत पर कर कटौती की सही गणना की जा सके।