8 मई 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Savings Tips: नौकरीपेशा लोग कैसे बनाएं इमरजेंसी फंड, कितना हो पैसा? जानिए सबकुछ

Emergency Financial Planning: अगर आपका मासिक खर्च 25,000 रुपए है तो आपको कम से कम 75,000 से 1.5 लाख रुपए का इमरजेंसी फंड रखना चाहिए। विशेषज्ञों के सुझाव के अनुसार इसे तैयार करने के कुछ आसान तरीके हैं।

2 min read
Google source verification
Personal Finance

इमरजेंसी फंड मुसीबत में काम आता है। (PC: perplexityAI)

Personal Finance Tips: हर महीने तनख्वाह आती है, खर्च होती है और बचत के लिए कुछ नहीं बचा पाते हैं। लेकिन अचानक नौकरी चली जाए, कोई बड़ी मेडिकल प्रॉब्लम आ जाए या घर में कोई अनचाही इमरजेंसी खड़ी हो जाए, तब क्या होगा? ऐसे वक्त में इमरजेंसी फंड ही वह सुरक्षा कवच है, जो आपको कर्ज लेने से बचाता है। सवाल यह है कि यह फंड कितना होना चाहिए और इसे कैसे बनाया जाए?

कितना होना चाहिए इमरजेंसी फंड?

किसी भी इमरजेंसी को बिना कर्ज लिए उससे निपटना चाहिए। यानी आपके पास इतनी बचत हो कि बिना किसी कर्ज के आपका मासिक खर्च चलता रहे। इसके लिए फाइनेंशियल प्लानिंग में एक सामान्य नियम यह है कि इमरजेंसी फंड कम से कम तीन से छह महीने के खर्च के बराबर होना चाहिए। अगर किसी व्यक्ति का मासिक खर्च 25,000 रुपए है, तो उसे कम से कम 75,000 रुपए से 1.5 लाख रुपए का इमरजेंसी फंड तैयार रखना चाहिए।

फंड कैसे बनाएं?

इमरजेंसी फंड बनाने के लिए CA नितिन कौशिक लोगों को सलाह देते है कि दो महीने तक हर गैरजरूरी खर्च बंद करना चाहिए। बचे हुए पैसे को एक मिनी फंड की तरह अलग से रखें। इस तरह से हर महीने में कुछ बचत करते रहें। इसके बाद FD या SIP में ऑटोमेटिक कटौती सेट करें ताकि हर महीने अपने आप पैसा आपकी सैलरी से कटकर जुड़ता रहे। बोनस, टैक्स रिफंड या किसी अतिरिक्त कमाई को सीधे इस फंड में डालते रहें जब तक इमरजेंसी फंड टारगेट वैल्यू तक पूरा न हो जाए।

कहां रखें यह पैसा?

इमरजेंसी फंड तैयार करने की प्लानिंग तो आसान है लेकिन इसे बरकरार रखना बहुत मुश्किल। कई लोग इमरजेंसी फंड की रकम को अपने खर्च वाले अकाउंट के साथ ही रखते हैं। लेकिन इमरजेंसी फंड रोजमर्रा के खर्च वाले अकाउंट से अलग रखना जरूरी है। ClearTax के अनुसार इस फंड को दो हिस्सों में बांटना सबसे ज्यादा जरूरी है। पहले हिस्से में कुल फंड का 30 से 40 फीसदी हिस्सा सेविंग्स अकाउंट या बैंक FD में रखें ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत निकाला जा सके। बाकी 60 से 70 फीसदी हिस्सा लिक्विड म्यूचुअल फंड या ओवरनाइट फंड में लगाएं, जो कम जोखिम के साथ बेहतर रिटर्न भी देते हैं।

इन जरूरी बातों का रखें ध्यान

इमरजेंसी फंड के पैसों को कभी भी पेनी स्टॉक्स या ज्यादा जोखिम वाले इक्विटी में नहीं लगाना चाहिए। ये विकल्प भले ही ज्यादा रिटर्न का वादा करते हों, लेकिन इमरजेंसी के वक्त इनकी वैल्यू घटी हुई हो सकती है। यह फंड सुरक्षा के लिए है, मुनाफे के लिए नहीं। सबसे जरूरी बात यह है कि इमरजेंसी फंड बनाना एक बार का काम नहीं है। इसके लिए हर महीने अपने खर्च का हिसाब लगाकर यह जानना जरूरी है कि आपके खर्च के हिसाब से आपका फंड तैयार हो रहा है या नहीं।