
Maruti Suzuki के शेयरों में मंगलवार को जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली। विदेशी ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी पर अपना नजरिया बदलते हुए 'Buy' रेटिंग दे दी है। साथ ही शेयर प्राइस टार्गेट को 13,800 रुपये से बढ़ाकर 16,500 रुपये कर दिया है। इस रिपोर्ट के बाद कंपनी का शेयर करीब 5 फीसदी तक चढ़ गया। जेफरीज का नया टार्गेट मौजूदा स्तर से 23 फीसदी से ज्यादा संभावित बढ़त का संकेत देता है। सोमवार को NSE पर शेयर 13,412 रुपये पर बंद हुआ था। मंगलवार की तेजी से कंपनी के मार्केट कैप में करीब 20,500 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ और उसका मार्कट कैप 4.42 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
ब्रोकरेज का कहना है कि साल 2026 की पहली छमाही में भारत में पैसेंजर व्हीकल यानी कारों की मांग मजबूत बनी हुई है। दूसरी तरफ मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने और कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट से ऑटो सेक्टर की चिंता भी कम हुई है। इस साल की शुरुआत में ब्रेंट क्रूड 125 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था, लेकिन ईरान और अमेरिका के बीच अंतरिम शांति समझौते के बाद इसमें तेज गिरावट आई है। फिलहाल ब्रेंट क्रूड करीब 72 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है। तेल सस्ता होने से ग्राहकों का भरोसा बढ़ता है और ऑटो कंपनियों के लिए माहौल भी बेहतर बनता है।
जेफरीज ने यह भी कहा कि स्टील और दूसरी धातुओं की कीमतों में नरमी से मार्जिन पर दबाव घटेगा। इसी वजह से उसने वित्त वर्ष 2027 से 2029 के लिए प्रति शेयर आय (EPS) के अनुमान में 2 से 4 फीसदी तक बढ़ोतरी की है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2026 से 2029 के बीच कंपनी की EPS सालाना औसतन 16 फीसदी की दर से बढ़ेगी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि इस साल अब तक मारुति का शेयर निफ्टी 50 से करीब 16 फीसदी पीछे रहा है। ऐसे में मौजूदा वैल्यूएशन आकर्षक नजर आता है।
पिछले एक सप्ताह में मारुति सुजुकी का शेयर 4 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है, जबकि एक महीने में इसमें करीब 7 फीसदी की तेजी आई है। हालांकि, पूरे 2026 की बात करें तो अब भी शेयर करीब 16 फीसदी नीचे है। लंबी अवधि में तस्वीर बेहतर दिखती है। पिछले एक साल में शेयर ने 13 फीसदी से ज्यादा, तीन साल में 43 फीसदी और पांच साल में करीब 87 फीसदी का रिटर्न दिया है।
जनवरी 2026 में यह शेयर 17,370 रुपये के 52 सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंचा था। इसके बाद सिर्फ दो महीनों में करीब 30 फीसदी टूटकर मार्च में 12,201 रुपये तक आ गया। वहां से अब तक शेयर 15 फीसदी से ज्यादा संभल चुका है।
मार्च 2026 तिमाही में मारुति सुजुकी का स्टैंडअलोन मुनाफा सालाना आधार पर 7 फीसदी घटकर 3,591 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल इसी अवधि में कंपनी ने 3,857 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। हालांकि, कारोबार के मोर्चे पर कंपनी ने शानदार परफॉर्म किया। परिचालन से आय 28 फीसदी बढ़कर 52,449 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो एक साल पहले 40,910 करोड़ रुपये थी। कंपनी का राजस्व बाजार के अनुमान से बेहतर रहा, जबकि मुनाफा अनुमान से थोड़ा कम रहा।
मार्च तिमाही में मारुति सुजुकी ने 6,76,209 वाहनों की रिकॉर्ड बिक्री की थी। यह एक साल पहले की तुलना में 11.8 फीसदी ज्यादा है। घरेलू बाजार में कंपनी ने 5,38,994 वाहन बेचे, जबकि निर्यात 1,37,215 यूनिट के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 14,445 करोड़ रुपये रहा, जो अब तक का सबसे अधिक है। इससे पहले वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी ने 14,298 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था।