SAIL Share Price: मेटल सेक्टर में एक बार फिर तेजी का माहौल बनता दिख रहा है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि मजबूत कमोडिटी कीमतें, चीन में रिकवरी की उम्मीद, बढ़ती इंफ्रास्ट्रक्चर डिमांड और कम सप्लाई के चलते मेटल कंपनियों की कमाई आने वाले समय में बेहतर रह सकती है।
Metal Stocks Rise: शेयर बाजार भले उतार-चढ़ाव से गुजर रहा हो, लेकिन मेटल सेक्टर ने एक बार फिर निवेशकों का ध्यान अपनी तरफ खींच लिया है। स्टील, कॉपर, एल्यूमिनियम और सिल्वर से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में लगातार खरीदारी दिख रही है। बाजार के जानकार मानते हैं कि यह तेजी जल्दी थमने वाली नहीं है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि पिछले कुछ समय से मेटल शेयरों में जो ठहराव था, वह अब खत्म होता दिख रहा है। कमोडिटी कीमतों में मजबूती और मांग बढ़ने की उम्मीद से कंपनियों की कमाई सुधर सकती है।
निफ्टी मेटल इंडेक्स बुधवार दोपहर 2.66 फीसदी के उछाल के साथ ट्रेड करती दिखी। सबसे ज्यादा चर्चा SAIL की रही। यह करीब 12 फीसदी उछल गया। उधर वेदांता लिमिटेड और हिंदुस्तान कॉपर के शेयर में 5 फीसदी से अधिक तेजी देखी गई है। वहीं, National Aluminium Company के शेयर में करीब 4 फीसदी की तेजी दिखी। इसके अलावा टाटा स्टील, हिंडाल्को, अडानी एंटरप्राइस, एनएमडीसी, जेएसडबल्यू स्टील और जेएसएल के शेयर में भी मजबूत खरीदारी देखने को मिली है।
एनरिच मनी के सीईओ Ponmudi R के मुताबिक मेटल शेयरों की तेजी के पीछे कई वजहें हैं। चीन की अर्थव्यवस्था में रिकवरी की उम्मीद, दुनियाभर में इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च बढ़ना और कमोडिटी की मजबूत कीमतें इस सेक्टर को सहारा दे रही हैं। उन्होंने कहा कि कई धातुओं की सप्लाई अभी भी दबाव में है। ऊर्जा लागत बढ़ी हुई है, कई जगह माइनिंग में दिक्कतें हैं और जियोपॉलिटिकल तनाव भी बना हुआ है। यही वजह है कि स्टील, एल्यूमिनियम और कॉपर जैसी धातुओं की कीमतें मजबूत बनी हुई हैं।
360 ONE Capital की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में स्टील की कीमतों में अच्छी तेजी देखने को मिली है। आयात घटने और घरेलू मांग बढ़ने से कीमतें ऊपर जा रही हैं। रिपोर्ट के अनुसार FY26 की चौथी तिमाही में फिनिश्ड स्टील प्रोडक्शन में सालाना आधार पर 7 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। वहीं, खपत में भी मजबूत सुधार देखने को मिला है।
मेटल सेक्टर में कई बड़े ब्रोकरेज हाउस बुलिश नजर आ रहे हैं। Systematix Institutional Equities का मानना है कि आने वाली तिमाहियों में मेटल और माइनिंग कंपनियों के नतीजे मजबूत रह सकते हैं। एक्सपर्ट्स खासतौर पर कॉपर, एल्यूमिनियम और स्पेशियलिटी स्टील से जुड़ी कंपनियों को लेकर पॉजिटिव हैं। ब्रोकरेज ने मीडियम और लॉन्ग टर्म के लिए जिन शेयरों पर सबसे ज्यादा भरोसा जताया जा रहा है, उनमें Hindalco Industries, JSW Steel, Tata Steel, Jindal Stainless और Hindustan Zinc शामिल हैं। इसके अलावा NMDC और Welspun Corp को भी मजबूत ग्रोथ वाला विकल्प माना जा रहा है।
एलकेपी सिक्युरिटीज में टेक्निकल एनालिस्ट Vatsal Bhuva के अनुसार, शेयर मार्केट में निफ्टी मेटल इंडेक्स मजबूत ट्रेंड में बना हुआ है। RSI पर बुलिश संकेत दिख रहे हैं, जिससे आगे भी तेजी जारी रहने की संभावना है। अगर निफ्टी मेटल 13,200 के स्तर के ऊपर निकलता है तो सेक्टर में नई खरीदारी देखने को मिल सकती है। वहीं, नीचे की तरफ 12,850 से 12,900 का दायरा मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है।
कमजोर रुपये से मेटल कंपनियों को फायदा मिल रहा है, क्योंकि इससे एक्सपोर्ट से ज्यादा कमाई होती है। भारत में तेजी से बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर, शहरीकरण और मैन्युफैक्चरिंग विस्तार की वजह से घरेलू मांग मजबूत बनी रह सकती है। ऐसे में CY2026 में मेटल सेक्टर का आउटलुक फिलहाल सकारात्मक दिखाई देता है।
चांदी की कीमतों में आई तेज उछाल के बाद उन कंपनियों पर भी निवेशकों की नजर है, जिनकी कमाई सिल्वर प्रोडक्शन से जुड़ी हुई है। भारत में बहुत कम कंपनियां ऐसी हैं जो सीधे तौर पर चांदी निकालती हैं। ज्यादातर कंपनियां जिंक, कॉपर या लेड माइनिंग के दौरान चांदी का उत्पादन करती हैं। अगर चांदी की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं तो इन कंपनियों के मुनाफे में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है।