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CIBIL Score: EMI बाउंस हुई है? बुरी तरह गिर सकता है आपका क्रेडिट स्कोर, इस तरह होगी रिकवरी

personal finance Hindi: EMI बाउंस होना सिर्फ बैंकिंग समस्या नहीं, यह एक बडा क्रेडिट इवेंट है। इससे स्कोर 50-100 अंक गिर सकता है और रिपोर्ट में तीन साल तक निशान रहता है। इससे बचने के आसान उपाय हैं, जिनको अपनाया जाना चाहिए।

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How to Improve Credit Score

क्रेडिट स्कोर मजबूत होने के कई फायदे हैं। (PC: Gemini)

Credit Score Recovery Tips: आज के समय में लोन लेना आसान हो गया है, लेकिन उसे चुकाने की जिम्मेदारी उतनी ही बड़ी है। अगर किसी महीने आपकी EMI बाउंस हो जाए, तो यह सिर्फ एक बैंकिंग गलती नहीं है, बल्कि यह एक बड़ा क्रेडिट इवेंट है जो आपकी फाइनेंशियल प्रोफाइल पर नेगेटिव इंपेक्ट डालता है। कर्ज लेने वालों को पर्सनल लोन, होम लोन, क्रेडिट कार्ड या किसी भी दूसरे तरह के कर्ज को मैनेज करते समय इस असर को समझना होगा। Zaggle के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन राज पी नारायणम कहते हैं कि एक बार EMI बाउंस होने पर क्रेडिट स्कोर 50 से 100 अंक तक गिर सकता है और यह निशान तीन साल तक क्रेडिट रिपोर्ट में दर्ज रहता है।

अब क्रेडिट सिस्टम बेहद एडवांस हो चुका है। बैंक और लेंडिंग इंस्टीट्यूशन सिर्फ आपका स्कोर नहीं देखते, बल्कि आपका पेमेंट बिहेवियर भी देखते हैं। अगर एक से ज्यादा बार EMI बाउंस हो, तो लेंडर इसे फाइनेंशियल स्ट्रेस का संकेत मानते हैं। इसका असर सिर्फ मौजूदा लोन तक नहीं रहता, बल्कि भविष्य में हर लोन एप्लीकेशन, इंटरेस्ट रेट नेगोशिएशन और क्रेडिट लिमिट डिसीजन पर भी पडता है।

क्रेडिट स्कोर पर कैसे असर डालती है एक EMI बाउंस

पेमेंट हिस्ट्री क्रेडिट स्कोर की सबसे बडी कंट्रीब्यूटर होती है। सिर्फ एक EMI बाउंस होते ही यह क्रेडिट ब्यूरो को रिपोर्ट की जाती है और स्कोर तुरंत गिरना शुरू हो जाता है। इसके बाद भविष्य में लोन अप्रूवल मुश्किल हो जाता है, ब्याज दरें बढ़ सकती हैं और बैंक भविष्य में क्रेडिट लिमिट भी घटा सकते हैं। इसका एक और बुरा असर यह है कि जो बैंक पहले आसानी से लोन दे देते थे, वे अब आपको लोन देने में हिचकिचा सकते हैं या मना कर सकते हैं।

EMI बाउंस हो जाए तो 48 घंटे में यह करें

अगर EMI बाउंस हो जाए तो 48 घंटे के भीतर एक्शन लेना जरूरी है।इसके लिए आप अपने लेंडर को कॉल करें और पेमेंट करें। इसके अलावा इस तरह की गलती दुबारा हो इसके लिए अपने अकाउंट के साथ ऑटो-डेबिट का ऑप्शन ऑन रखना चाहिए। अकाउंट में कम से कम एक महीने की एक्स्ट्रा EMI बचाकर रखें और लो-बैलेंस अलर्ट एक्टिव करें।

इन आदतों से होगी क्रेडिट स्कोर की रिकवरी

क्रेडिट स्कोर की रिकवरी मुश्किल नहीं है। बस सही गाइडलाइन और उसको पालन करना जरूरी होता है। इसके बाद आप 12 से 18 महीनों की अच्छी पेमेंट हिस्ट्री से अपने स्कोर को फिर से पटरी पर ला सकते हैं। इसके लिए इन बातों को अपनाना जरूरी है।

  • EMI समय पर चुकाएं क्योंकि आपकी हर EMI पेमेंट आपकी क्रेडिट हिस्ट्री बनाती है। इसलिए इसमें दुबारा मिस न होने दें।
  • क्रेडिट यूटिलाइजेशन का ध्यान रखना चाहिए। अगर आपको मिली क्रेडिट लिमिट 1 लाख रुपए है तो इसका 30 फीसदी ही उपयोग करना चाहिए। यानी की 25,000 से 30,000 रुपए से ज्यादा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
  • एक साथ कई लोन के लिए आवेदन न करें। इससे हार्ड इंक्वायरी बढती है और स्कोर तेजी से गिरता है। यह तय करना जरूरी है कि आपका कोई भी लोन आवेदन हार्ड चेक न हो।
  • सबसे पहले सबसे ज्यादा इंटरेस्ट रेट वाले लोन को खत्म करना चाहिए। इसके अलावा पुराने बकाया और ओवरड्यू बिल जल्द से जल्द चुकाएं ताकि डेट साइकल में न फंसें।
  • यदि आपके पास पुराने क्रेडिट कार्ड है तो उनकों एक्टिव रखें। लंबी क्रेडिट हिस्ट्री से लेंडर को भरोसा होता है कि आप लोन चुकाने में सक्षम है।