
क्रेडिट स्कोर मजबूत होने के कई फायदे हैं। (PC: Gemini)
Credit Score Recovery Tips: आज के समय में लोन लेना आसान हो गया है, लेकिन उसे चुकाने की जिम्मेदारी उतनी ही बड़ी है। अगर किसी महीने आपकी EMI बाउंस हो जाए, तो यह सिर्फ एक बैंकिंग गलती नहीं है, बल्कि यह एक बड़ा क्रेडिट इवेंट है जो आपकी फाइनेंशियल प्रोफाइल पर नेगेटिव इंपेक्ट डालता है। कर्ज लेने वालों को पर्सनल लोन, होम लोन, क्रेडिट कार्ड या किसी भी दूसरे तरह के कर्ज को मैनेज करते समय इस असर को समझना होगा। Zaggle के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन राज पी नारायणम कहते हैं कि एक बार EMI बाउंस होने पर क्रेडिट स्कोर 50 से 100 अंक तक गिर सकता है और यह निशान तीन साल तक क्रेडिट रिपोर्ट में दर्ज रहता है।
अब क्रेडिट सिस्टम बेहद एडवांस हो चुका है। बैंक और लेंडिंग इंस्टीट्यूशन सिर्फ आपका स्कोर नहीं देखते, बल्कि आपका पेमेंट बिहेवियर भी देखते हैं। अगर एक से ज्यादा बार EMI बाउंस हो, तो लेंडर इसे फाइनेंशियल स्ट्रेस का संकेत मानते हैं। इसका असर सिर्फ मौजूदा लोन तक नहीं रहता, बल्कि भविष्य में हर लोन एप्लीकेशन, इंटरेस्ट रेट नेगोशिएशन और क्रेडिट लिमिट डिसीजन पर भी पडता है।
पेमेंट हिस्ट्री क्रेडिट स्कोर की सबसे बडी कंट्रीब्यूटर होती है। सिर्फ एक EMI बाउंस होते ही यह क्रेडिट ब्यूरो को रिपोर्ट की जाती है और स्कोर तुरंत गिरना शुरू हो जाता है। इसके बाद भविष्य में लोन अप्रूवल मुश्किल हो जाता है, ब्याज दरें बढ़ सकती हैं और बैंक भविष्य में क्रेडिट लिमिट भी घटा सकते हैं। इसका एक और बुरा असर यह है कि जो बैंक पहले आसानी से लोन दे देते थे, वे अब आपको लोन देने में हिचकिचा सकते हैं या मना कर सकते हैं।
अगर EMI बाउंस हो जाए तो 48 घंटे के भीतर एक्शन लेना जरूरी है।इसके लिए आप अपने लेंडर को कॉल करें और पेमेंट करें। इसके अलावा इस तरह की गलती दुबारा हो इसके लिए अपने अकाउंट के साथ ऑटो-डेबिट का ऑप्शन ऑन रखना चाहिए। अकाउंट में कम से कम एक महीने की एक्स्ट्रा EMI बचाकर रखें और लो-बैलेंस अलर्ट एक्टिव करें।
क्रेडिट स्कोर की रिकवरी मुश्किल नहीं है। बस सही गाइडलाइन और उसको पालन करना जरूरी होता है। इसके बाद आप 12 से 18 महीनों की अच्छी पेमेंट हिस्ट्री से अपने स्कोर को फिर से पटरी पर ला सकते हैं। इसके लिए इन बातों को अपनाना जरूरी है।
Updated on:
13 May 2026 09:37 am
Published on:
13 May 2026 09:35 am
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