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Muhurat Trading 2026: पिछले 10 साल में 8 बार मुहूर्त ट्रेडिंग में हुई है कमाई, जानिए संवत 2083 में कैसा रह सकता है बाजार

Muhurat Trading Timings: दिवाली के मौके पर 8 नवंबर 2026 को BSE और NSE में मुहूर्त ट्रेडिंग होगी। मुख्य सत्र दोपहर 2:20 से 3:30 बजे तक चलेगा। MCX पर भी स्पेशल सेशन होगा।
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Updated: 7 Nov 2026, 12:54 PM IST
Muhurat Trading 2026
मुहूर्त ट्रेडिंग 8 नवंबर को होगी। (PC: AI)

दिवाली के दिन शेयर बाजार में निवेश की परंपरा इस बार भी जारी रहेगी। रविवार, 8 नवंबर 2026 को BSE और NSE पर मुहूर्त ट्रेडिंग का विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा। इसके साथ ही संवत 2083 की शुरुआत होगी। निवेशक इस शुभ मौके पर शेयरों में खरीदारी कर नए साल का आगाज करेंगे। मुहूर्त ट्रेडिंग का मुख्य सत्र दोपहर 2:20 बजे से 3:30 बजे तक चलेगा। वहीं, बाजार में प्री-ओपनिंग की शुरुआत दोपहर 2:05 बजे होगी। कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स पर भी इस मौके पर विशेष कारोबार होगा। मुहूर्त ट्रेडिंग को भारतीय शेयर बाजार की पुरानी परंपरा माना जाता है। इस दौरान आम कारोबारी दिनों के मुकाबले कम ट्रेडिंग होती है, लेकिन निवेशक और ब्रोकर इसे नए वित्त वर्ष की शुभ शुरुआत के तौर पर देखते हैं।

मुहूर्त ट्रेडिंग के दिन पिछले 10 साल में 8 बार बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार

मुहूर्त ट्रेडिंग के दौरान शेयर बाजार का रिकॉर्ड अब तक ज्यादातर सकारात्मक रहा है। पिछले 10 मुहूर्त ट्रेडिंग सत्रों में सेंसेक्स और निफ्टी 8 बार बढ़त के साथ बंद हुए। केवल 2016 और 2017 में दोनों प्रमुख इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए थे। पिछले साल यानी 2025 में भी बाजार ने मुहूर्त ट्रेडिंग की शुरुआत अच्छी बढ़त के साथ की थी। कारोबार के दौरान सेंसेक्स और निफ्टी उस समय के 52 सप्ताह के उच्च स्तर तक पहुंच गए थे। हालांकि, सत्र खत्म होते-होते बाजार ने अपनी ज्यादातर बढ़त गंवा दी थी। इसके बावजूद सेंसेक्स 63 अंक चढ़कर 84,426 पर बंद हुआ था। वहीं, निफ्टी 50 में 25 अंकों की तेजी रही और यह 25,868 पर बंद हुआ था। मुहूर्त ट्रेडिंग के दौरान आमतौर पर कारोबार की वॉल्यूम कम रहती है। इसकी वजह यह है कि निवेशक नए संवत की शुरुआत पर शुभ मानकर प्रतीकात्मक खरीदारी करते हैं।

संवत 2083 में शेयर बाजार से कैसी उम्मीद?

नए संवत की शुरुआत से पहले बाजार में सुधार के संकेत मिले हैं। रिलायंस ब्रोकिंग के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट ऑफ रिसर्च अजीत मिश्रा के मुताबिक, लगातार छह कारोबारी सत्रों में रिकवरी, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की दोबारा खरीदारी और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से बाजार को सपोर्ट मिला है। हालांकि, दुनियाभर में टेक्नोलॉजी कंपनियों से जुड़ी उठापटक और भू-राजनीतिक तनाव को देखते हुए निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है। उनका मानना है कि बाजार का रुख सकारात्मक रह सकता है, लेकिन हालिया तेजी के बाद बीच-बीच में गिरावट और मुनाफावसूली भी देखने को मिल सकती है। निवेशकों को तेजी के पीछे भागने के बजाय मजबूत कारोबार वाली कंपनियों में चुनिंदा निवेश करना चाहिए।

डबल डिजिट में रिटर्न मिलने की उम्मीद

ICICI Direct को भी संवत 2083 में भारतीय शेयर बाजार से डबल डिजिट में रिटर्न मिलने की उम्मीद है। जुलाई से सितंबर तिमाही के नतीजों में सुधार और बाजार में हालिया गिरावट के बाद शेयरों का वैल्यूएशन पहले के मुकाबले आकर्षक हुआ है। दिग्गज बैंकर उदय कोटक ने भी भारतीय बाजार को लेकर भरोसा जताया है। उनके मुताबिक, पिछले एक साल में बाजार का वैल्यूएशन सुधरा है और भारतीय शेयर बाजार अब पहले जितना महंगा नहीं दिख रहा है। हालांकि, उन्होंने विदेशी निवेशकों की भूमिका को अहम बताया। उनके मुताबिक, भारतीय बाजार में विदेशी पोर्टफोलियो निवेश का करीब 700 अरब डॉलर का निवेश मौजूद है। विदेशी निवेशकों की खरीदारी और बिकवाली का असर घरेलू बाजार की चाल पर पड़ सकता है।

मुहूर्त ट्रेडिंग की शुरुआत कब हुई थी?

भारत में मुहूर्त ट्रेडिंग की परंपरा काफी पुरानी है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज ने 1957 में इसकी शुरुआत की थी। इसके बाद नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने 1992 से इस परंपरा को आगे बढ़ाया। पहले शेयर बाजार के ब्रोकर दिवाली के दिन चोपड़ा पूजन करते थे। इसमें कारोबारी अपने बही-खातों की पूजा करते थे। इसे नए वित्त वर्ष की शुभ शुरुआत माना जाता था। धीरे-धीरे यह परंपरा शेयर बाजार के विशेष कारोबारी सत्र का हिस्सा बन गई। आज भी कई निवेशक इस दिन शेयर खरीदना शुभ मानते हैं। हालांकि, मुहूर्त ट्रेडिंग में निवेश करते समय कंपनी की वित्तीय स्थिति और शेयर के वैल्यूएशन को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

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7 Nov 2026, 12:54 PM IST
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