Videocon case: एनसीएलटी (NCLT) ने कॉरपोरेट मामलों को लेकर मंत्रालय की एक याचिका पर यह निर्देश दिया है।
मुंबई। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने कंगाली की कगार पर पहुंच चुकी कंपनी वीडियोकॉन (Videocon) के प्रमोटर्स की संपत्तियों को जब्त और कुर्क करने का आदेश जारी किया है। एनसीएलटी (NCLT) ने कॉरपोरेट मामलों को लेकर मंत्रालय की एक याचिका पर यह निर्देश दिया है।
एनसीएलटी (NCLT) की मुंबई पीठ ने इस मामले में सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज लिमिटेड (सीडीएसएल) के साथ नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (एनएसडीएल) को भी आदेश जारी किया है। वीडियोकॉन के प्रमोटर्स के स्वामित्व वाली या उनके पास किसी भी कंपनी या सोसायटी में रखी प्रतिभूतियों को जब्त करा जाए। उनके हस्तांतरण पर पाबंदी लगाई जाए।
संपत्ति को जब्त और कुर्क करने का आदेश
एनसीएलटी ने कंपनी के प्रमोटर वेणुगोपाल धूत (Venugopal Dhoot), उनकी पत्नी, उनकी कंपनी और फर्म के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर और कंपनी सेक्रेटरी की संपत्ति को जब्त और कुर्क करने का आदेश दिया है। वीडियोकॉन ग्रुप पर बैंकों ने 64,838 करोड़ रुपये के बकाए का दावा किया है। मगर इसमें से वे अभी तक मात्र चार फीसदी ही वसूल सके हैं। पीठ के अनुसार इस कार्रवाई का ब्योरा कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय (एमसीए) संग साझा किया जाना चाहिए।
एनसीएलटी का क्या है कहना
पीठ ने केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी CBDT) को आदेश दिया कि वह वीडियोकॉन के प्रवर्तकों की सभी संपत्तियों के बारे में पूरी जानकारी दे ताकि इसके जरिए संपत्तियों को जब्त या कुर्क करा जा सके। एनसीएलटी ने कहा कि यह आदेश 31 अगस्त की देर रात को दिया गया। इसमें भारतीय बैंक संघ (आईबीए) को आदेश दिया गया कि वह वीडियोकॉन के प्रवर्तकों के स्वामित्व वाले बैंक खाते और लॉकरों का ब्योरा दे। आदेश में कहा गया है कि ऐसे बैंक खातों और लॉकर पर भी तुरंत प्रभाव से पाबंदी लगाई जाए।