
Sarkari Yojana: प्रधानमंत्री जनधन योजना (PMJDY) ने 12 साल पूरे कर लिए हैं। 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जन धन योजना की शुरूआत की थी। वित्त मंत्रालय के ताजा आंकड़ों से पता चलता है कि योजना के तहत खुले बैंक खातों की संख्या 59 करोड़ के पार पहुंच गई है और इनमें कुल जमा राशि 3.17 लाख करोड़ रुपये हो गई है। सरकार के मुताबिक, जनधन खाते सिर्फ बैंक खाता खोलने तक सीमित नहीं रहे हैं, बल्कि इनके जरिए लोगों को बीमा, पेंशन, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर और दूसरी बैंकिंग सुविधाओं से भी जोड़ा गया है।
प्रधानमंत्री जनधन योजना के करीब 78 फीसदी खाते ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में खोले गए हैं। वहीं, लगभग 56 फीसदी खाते महिलाओं के नाम हैं। 19 अगस्त 2026 तक जनधन खातों में औसत जमा राशि 5,356 रुपये रही। सरकार के अनुसार, पिछले 12 वर्षों में प्रति खाते औसत जमा राशि 3.4 गुना बढ़ी है। मंत्रालय का कहना है कि इससे यह संकेत मिलता है कि खातों का इस्तेमाल बढ़ा है और खाताधारकों में बचत की आदत भी मजबूत हुई है।
प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत पात्र लोगों को बेसिक बैंक अकाउंट खोलने की सुविधा मिलती है। इसमें न्यूनतम बैलेंस रखने की जरूरत नहीं होती और खाते के रखरखाव के लिए कोई शुल्क भी नहीं लिया जाता। यह सुविधा आर्थिक रूप से कमजोर और बैंकिंग सुविधाओं से दूर रहे लोगों के लिए खास तौर पर उपयोगी है।
जनधन योजना में खाताधारकों को मुफ्त RuPay डेबिट कार्ड भी दिया जाता है। इस कार्ड के साथ दुर्घटना बीमा कवर के रूप में 2 लाख रुपये तक की सुविधा मिलती है। अब तक जनधन खाताधारकों को 41.29 करोड़ RuPay कार्ड जारी किए जा चुके हैं और सरकार के अनुसार इनका इस्तेमाल भी समय के साथ बढ़ा है। पात्र जनधन खाताधारकों को आपात स्थिति में 10,000 रुपये तक की ओवरड्राफ्ट सुविधा भी मिल सकती है। इसके अलावा, खातों में नियमित बचत का पैटर्न बनने पर खाताधारक MUDRA समेत अन्य लोन के लिए भी पात्र हो सकते हैं।