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Stock Market Today: शेयर बाजार में आज है मॉक ट्रेडिंग सेशन, जानिए क्या होता है यह और क्या है टाइमिंग

बीएसई और एनएसई ने आज 14 मार्च 2026 को एक खास 'मॉक ट्रेडिंग सेशन' यानी अभ्यास कारोबार सत्र का आयोजन किया है।

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Mar 14, 2026
फोटो: एआइ

बीएसई और एनएसई ने आज 14 मार्च 2026 को एक खास 'मॉक ट्रेडिंग सेशन' यानी अभ्यास कारोबार सत्र का आयोजन किया है। आपने क्रिकेट में नेट प्रैक्टिस का नाम तो सुना ही होगा, जिसमें असली मैच से पहले खिलाड़ी अभ्यास करते हैं ताकि मैदान पर कोई गलती न हो। ठीक इसी तरह शेयर बाजार में भी आज 'मॉक ट्रेडिंग' हो रही है। इस विशेएष सत्र में असली पैसा नहीं लगता, बस सिस्टम की जांच होती है।

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क्या होता है मॉक ट्रेडिंग सेशन?

मॉक ट्रेडिंग सेशन एक तरह का 'ड्राई रन' होता है। इसमें ब्रोकर, दलाल और अन्य बाजार भागीदार यह जांचते हैं कि उनके कंप्यूटर सिस्टम, सॉफ्टवेयर और इंटरनेट कनेक्शन बीएसई और एनएसई के साथ सही तरीके से काम कर रहे हैं या नहीं। इसमें कोई असली खरीद-बिक्री नहीं होती, लेकिन सब कुछ बिल्कुल असली जैसा दिखता है।

किन-किन बाजारों में होगा यह अभ्यास?

BSE ने आज पांच अलग-अलग बाजार खंडों में यह मॉक सेशन आयोजित किया है।

  • इक्विटी - यानी सामान्य शेयर बाजार
  • इक्विटी डेरिवेटिव्स - फ्यूचर और ऑप्शन कारोबार
  • करेंसी डेरिवेटिव्स - विदेशी मुद्रा से जुड़ा कारोबार
  • कमोडिटी डेरिवेटिव्स - सोना, चांदी, तेल जैसी जिंसों का कारोबार
  • इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट - डिजिटल सोने से जुड़ा कारोबार

NSE ने आज यह अभ्यास सत्र तीन प्रमुख बाजार खंडों में आयोजित किया।

  • इक्विटी - यानी सामान्य शेयर बाजार
  • डेरिवेटिव्स - फ्यूचर और ऑप्शन कारोबार
  • स्पेशल प्री-ओपन सेशन - बाजार खुलने से पहले का विशेष सत्र

कब से कब तक चला सेशन?

बीएसई और एनएसई ने यह परीक्षण केवल एक जगह से नहीं, बल्कि दो अलग-अलग जगह से किया एक प्राइमरी साइट (PR) और डिजास्सटर साइट (DR)। इसका मतलब यह है कि अगर किसी आपात स्थिति में मुख्य सर्वर फेल हो जाए, तो बैकअप सिस्टम भी उतनी ही तेजी से काम करे। यह बाजार की मजबूती और भरोसेमंदी सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है।

सभी खंडों में सदस्य सुबह 9:15 बजे से 10:00 बजे तक लॉगिन करके अपने सिस्टम की जांच कर सकते थे।
इसके बाद सुबह 10:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक प्राइमरी साइट पर ट्रेडिंग होगी। दोपहर 01:00 से 01:45 तक बेकअप सिस्टम यानि डिजास्सटर साइट (डीआर) पर स्वीच किया जाएगा। इसके बाद डीआर पर लगातार दोपहर 01:45 से 04:00 बजे तक ट्रेडिंग की जाएगी। क्लोजिंग टाइम 4 से 4:10 रखा गया है।

अप्रैल में आएगा बड़ा बदलाव

आज के मॉक सेशन में एक और खास चीज की जांच होगी। ऑर्डर-टू-ट्रेड अनुपात यानी OTR का नया ढांचा। सरल भाषा में समझें तो यह नियम तय करता है कि एक ट्रेडर कितने ऑर्डर दे सकता है और उनमें से कितने असली खरीद-बिक्री में बदलने चाहिए। यह नियम 6 अप्रैल 2026 से असली बाजार में लागू होगा। आज इसी नए नियम की पहली बड़ी परीक्षा हुई।

आम निवेशक के लिए क्या मतलब?

आप सोच रहे होंगे कि इससे आपको क्या फर्क पड़ता है? दरअसल, जब BSE और NSE के सिस्टम मजबूत और परीक्षित होते हैं, तो आम निवेशक का पैसा सुरक्षित रहता है। ट्रेडिंग में तकनीकी गड़बड़ी की आशंका कम होती है और बाजार में लेन-देन सुचारु रूप से होता है।

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Published on:
14 Mar 2026 11:13 am
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