
शांतनु नारायण।
एडोब के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शांतनु नारायण ने गुरुवार को अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा की। एडोब के साथ उन्होंने यात्रा की शुरुआत 1998 में की थी। इस यात्रा के दौरान उन्होंने एडोब में उपाध्यक्ष और इंजीनियरिंग प्रौद्योगिकी समूह के महाप्रबंधक के रूप में कार्यभार संभाला था।
एडोब के अनुसार, नारायण फिलहाल नए उत्तराधिकारी के चुने जाने तक अपने पद पर बने रहेंगे। इस घोषणा के बाद माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला ने एक पोस्ट साझा करते हुए नारायण की "मित्रता और मार्गदर्शन" के लिए उनका आभार व्यक्त किया।
सत्या नडेला ने अपने ट्वीट में शांतनु नारायम को बधाई देते हुए लिखा कि आपने एडोब में एक शानदार और यादगार नेतृत्व दिया है। आपके नेतृत्व में एडोब दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण सॉफ्टवेयर कंपनियों में से एक बनी और आपने क्रिएटर्स, उद्यमियों और ब्रांड्स के लिए नई संभावनाएं पैदा कीं।
उन्होंने कहा कि उन्हें हमेशा यह बात खास लगी कि शांतनु ने रचनात्मक काम करने की प्रक्रिया को समझने में संवेदनशीलता दिखाई और एक अच्छे नेता की मिसाल पेश की। नडेला ने यह भी कहा कि वह उनकी दोस्ती, मार्गदर्शन और एडोब तथा पूरी टेक इंडस्ट्री के लिए किए गए उनके योगदान के लिए आभारी हैं।
नारायण का जन्म हैदराबाद में 27 मई, 1963 को हुआ था। ये अपने माता-पिता के दूसरे बेटे थे। उन्होंने हैदराबाद पब्लिक स्कूल में पढ़ाई की और उस्मानिया विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद मास्टर की डिग्री उन्होंने बॉलिंग ग्रीन स्टेट यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस में की। इसके अलावा उनके पास कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, बर्कले के हास स्कूल ऑफ बिजनेस से एमबीए की डिग्री भी है।
नारायण ने अपने करियर की शुरुआत 1986 से की। सिलिकॉन वैली में मेजरएक्स ऑटोमेशन सिस्टम नामक एक स्टार्टअप में उन्होंने सबसे पहले अपना करियर शुरु किया। इसके बाद उन्होंने 1989 से 1995 तक एप्पल में वे वरिष्ठ प्रबंधन के पद पर काम किया।
नारायण ने 1998 में वरिष्ठ उपाध्यक्ष के रूप में एडोब में काम करना शुरु किया। इसके बाद प्रमोशन पाते हुए वे कार्यकारी उपाध्यक्ष और मुख्य पर
नारायण ने 1998 में वरिष्ठ उपाध्यक्ष के रूप में एडोब में काम शुरू किया और धीरे-धीरे पदोन्नति पाते हुए कार्यकारी उपाध्यक्ष और मुख्य ऑपरेटिंग ऑफिसर सहित कई पदों पर कार्य किया। इसके बाद 2007 में एडोब के सीईओ ब्रूस चिजेन ने उनको अपना कार्यभार सौंपा। 2007 से लगातार 18 वर्षों तक इस पद पर रहते हुए एडोब का शानदार नेतृत्व किया है।
अपने सीईओ के शानदार पीरियड के दौरान ही उन्होंने एडोब का राजस्व 2024 के अंत तक 3 बिलियन डॉलर से बढ़ाकर 21 बिलियन डॉलर से अधिक कर दिया। उनके नेतृत्व में एडोब ने सब्सक्रिप्शन मॉडल में परिवर्तन किया, जिसने कंपनी के राजस्व में वृद्धि तो की, लेकिन यूजर्स से भारी आलोचना का सामना भी किया। फिर भी एडोब आज डिजाइन सॉफ्टवेयर की दिग्गज कंपनी है।
हुरुन रिच लिस्ट 2025 के अनुसार, नारायण की अनुमानित कुल संपत्ति लगभग 4,670 करोड़ रुपये (560 मिलियन डॉलर) है। इसके अलावा नारायण दवा कंपनी फाइजर में लीड इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के पद पर भी काम करते हैं। इस पद के लिए उन्हें हर साल करीब 4.45 लाख डॉलर का वेतन मिलता है।
Published on:
13 Mar 2026 05:09 pm
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