
PSU Bank Stocks Rally: सरकारी बैंकों के शेयरों में बुधवार, 26 अगस्त को जोरदार खरीदारी देखने को मिली। सुबह के कारोबार में निफ्टी PSU बैंक इंडेक्स करीब 2 फीसदी चढ़ गया। बैंक ऑफ महाराष्ट्र, बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक, पंजाब नेशनल बैंक और भारतीय स्टेट बैंक के शेयरों में 1 से 6 फीसदी तक की तेजी रही। खास बात यह है कि यह तेजी अचानक नहीं आई है। अगस्त में अब तक PSU बैंक इंडेक्स करीब 4 फीसदी चढ़ चुका है, जबकि निफ्टी प्राइवेट बैंक सिर्फ 0.60 फीसदी बढ़ा है और निफ्टी 50 लगभग फ्लैट रहा है।
| बैंकिंग शेयर | % बढ़त |
|---|---|
| बैंक ऑफ महाराष्ट्र | 6.32% |
| बैंक ऑफ इंडिया | 1.32% |
| केनरा बैंक | 1.60% |
| पंजाब नेशनल बैंक (PNB) | 1.80% |
| भारतीय स्टेट बैंक (SBI) | 1.32% |
INVAsset PMS के बिजनेस हेड हर्षल दसानी के मुताबिक इस तेजी के पीछे चार प्रमुख कारण हैं। पहला, तिमाही नतीजे उम्मीद के मुताबिक रहे। इंडियन बैंक के नतीजों के बाद शेयर में 10 फीसदी की तेजी आई। जबकि PNB, यूनियन बैंक, केनरा बैंक और बैंक ऑफ इंडिया समेत कई बैंकों में बढ़त दिखी। इससे संकेत मिलता है कि तेजी किसी एक बैंक तक सीमित नहीं है।
दूसरा कारण ब्याज मार्जिन का गणित है। निजी बैंक जमा की तुलना में कर्ज की ब्याज दरों में तेज बदलाव के कारण NIM पर दबाव झेल रहे हैं। इसके मुकाबले PSU बैंकों के पास ज्यादा CASA जमा और फिक्स्ड रेट व सरकारी क्षेत्र से जुड़े कर्ज का बड़ा हिस्सा है। इसलिए मौजूदा स्थिति में उन पर मार्जिन का दबाव अपेक्षाकृत कम है।
तीसरा कारण वैल्यूएशन है। PSU बैंक अभी भी बुक वैल्यू के मुकाबले छूट पर कारोबार कर रहे हैं। ऐसे में बेहतर एसेट क्वालिटी से पुराने जोखिम का प्रीमियम कम हो रहा है। चौथा कारण कर्ज और जमा में मजबूत बढ़ोतरी है। केनरा बैंक की शुरुआती कारोबारी जानकारी में कर्ज करीब 18 फीसदी सालाना बढ़ा है।
दसानी ने कहा कि PSU बैंक की तेजी पहले भी तेज रही है और इसमें बड़ी गिरावट भी आ सकती है। उनके मुताबिक, निजी बैंक लंबे समय के निवेश के लिए मुख्य विकल्प बने हुए हैं, जबकि PSU बैंक फिलहाल वैल्यू आधारित रणनीति का हिस्सा हैं। ओम्नीसाइंस कैपिटल के CEO और चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट विकास गुप्ता ने कहा कि PSU बैंक मध्यम अवधि में बाजार से बेहतर रिटर्न देने की क्षमता रखते हैं। उनके मुताबिक इन बैंकों की बैलेंस शीट कई दशकों में सबसे मजबूत स्थिति में है और वे डबल डिजिट में एसेट व राजस्व बढ़ा रहे हैं।
(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी मात्र है। यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर मार्केट/म्यूचुअल फंड में निवेश जोखिम भरा होता है। कहीं भी पैसा लगाने से पहले अपने निवेश सलाहकार से परामर्श लें।)