
क्विक कॉमर्स कंपनियों ने चीनी की राशनिंग शुरू कर दी है। (PC: AI)
Sugar Price Today: त्योहारों का मौसम शुरू होने से पहले चीनी की बढ़ती कीमतों ने आम ग्राहकों के साथ-साथ पैकेज्ड फूड कंपनियों की भी चिंता बढ़ा दी है। देश के कई बड़े रिटेल स्टोर और क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म अब प्रति ग्राहक सीमित मात्रा में ही चीनी बेच रहे हैं। एक ग्राहक को कहीं 3 किलो तो कहीं 5 किलो तक की खरीद की इजाजत दी जा रही है। D-Mart, Blinkit, BigBasket और Swiggy Instamart जैसे प्लेटफॉर्म पर कुछ जगहों पर प्रति ग्राहक चीनी के पैकेट की संख्या तय कर दी गई है। इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के मुताबिक, पिछले दो महीनों में चीनी के खुदरा दाम करीब 40% तक बढ़ चुके हैं।
ईटी की एक रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली-NCR में ब्लिंकिट पर Mawana Premium Crystal Sugar और Dhampure Crystal White Sugar जैसे ब्रांड की 5 किलो वाली पैकिंग में से एक ही पैक खरीदने की अनुमति दी जा रही है। प्रोडक्ट के साथ यह भी लिखा है कि इसकी मात्रा सीमित है। पुणे में ब्लिंकिट पर ग्राहक 1-1 किलो के सिर्फ तीन पैकेट ही कार्ट में जोड़ सकते हैं। वहीं, बिगबास्केट ने कुछ ब्रांड की 1 किलो वाली चीनी के पांच पैकेट तक खरीदने की सीमा तय की है।
दिल्ली-NCR में स्विगी इंस्टामार्ट पर Supreme Harvest Crystal Sugar और Madhur की 1 किलो वाली पैकिंग के दो-दो पैकेट तक ही खरीदे जा सकते हैं। पुणे के एक डी-मार्ट स्टोर में भी ग्राहकों के लिए 5 किलो चीनी की लिमिट लगाई गई है। स्टोर पर ग्राहकों को बताया गया है कि हर बिल पर अधिकतम 5 किलो चीनी ही खरीदी जा सकती है।
बाजार में चीनी की कीमतों में अचानक आई तेजी के पीछे उत्पादन के अनुमान से कम रहने, निर्यात और कुछ कारोबारियों द्वारा स्टॉक रोककर रखने जैसी वजहें बताई जा रही हैं। उद्योग संगठनों की ओर से शुरुआती अनुमान लगाया गया था कि देश में पर्याप्त चीनी उपलब्ध रहेगी। इसी उम्मीद में सरकार ने कुल 20 लाख टन चीनी के निर्यात की अनुमति दी थी। नवंबर में 15 लाख टन और फरवरी में 5 लाख टन चीनी के निर्यात की मंजूरी दी गई थी। लेकिन घरेलू बाजार में कीमतें बढ़ने लगीं तो सरकार ने मई में चीनी निर्यात पर रोक लगा दी।
इसके बावजूद चीनी की कीमतों पर दबाव बना रहा। मिल स्तर पर चीनी का भाव जून के पहले सप्ताह में करीब 41 रुपये प्रति किलो था, जो बढ़कर 65 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया। इस सप्ताह सरकारी कदमों के बाद भाव कुछ नरम होकर करीब 58 रुपये प्रति किलो आया है।
चीनी की महंगाई का असर सिर्फ घर के बजट तक सीमित नहीं रहेगा। इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के अनुसार, पैकेज्ड फूड कंपनियों की लागत भी बढ़ रही है। चीनी के अलावा खाद्य तेल महंगा होने से कंपनियों के मार्जिन पर दोहरी मार पड़ रही है। इसी वजह से कई कंपनियां अपने उत्पादों की कीमत बढ़ाने की तैयारी में हैं। इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के मुताबिक, कंपनियां कम से कम 5 से 6% तक कीमत बढ़ा सकती हैं। अगर चीनी के दाम ऊंचे बने रहे, तो आगे और बढ़ोतरी से भी इनकार नहीं किया जा रहा है। यानी आने वाले दिनों में त्योहारों की खरीदारी के बीच चीनी ही नहीं, बल्कि बिस्कुट, नमकीन, मिठाई और दूसरे पैकेज्ड फूड भी आपकी जेब पर ज्यादा बोझ डाल सकते हैं।
Updated on:
26 Aug 2026 12:19 pm
Published on:
26 Aug 2026 12:19 pm
