अब बिना इंटरनेट के भी आप पैसे ट्रांसफर कर सकेंगे। भारतीय रिजर्व बैंक ने डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए एक प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया था। इस प्रोजेक्ट के जरिए बिना इंटरनेट के डिजिटल पेमेंट करने के लिए तैयार किया गया। इस प्रोजेक्ट के जरिए पेमेंट सिर्फ आमने-सामने रहकर ही किया जा सकेगा।
नई दिल्ली। आज के समय में इंटरनेट सभी लोगों की जरूरत बन चुका है। आज इंटरनेट ही सब कुछ हो गया है। मोबाइल, कंप्यूटर और लैपटॉप आदि इसके बिना सब बेकार है। पैसे ट्रांसफर करने के लिए भी नेट का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन अब बिना इंटरनेट के भी आप पैसे ट्रांसफर कर सकेंगे। भारतीय रिजर्व बैंक ने डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए एक प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया था। इस प्रोजेक्ट के माध्यम से बिना इंटरनेट के डिजिटल पेमेंट करने के लिए तैयार किया गया। रिजर्व बैंक के अनुसार के अनुसार, अब 200 रुपए तक डिजिटल पेमेंट के लिए इंटरनेट की आवश्यकता नहीं होगी। यानी अब किसी को पैसे भेजने के लिए इंटरनेट की जरूरत नहीं पड़ेगी। आइए जाने यह प्रोजेक्ट किस प्रकार से काम करता है।
टेस्टिंग के बाद दी गई मंजूरी
इस प्रोजेक्ट के जरिए पेमेंट सिर्फ आमने-सामने रहकर ही किया जा सकेगा। ऑफलाइन मोड में छोटे डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिए आरबीआई ने कुछ निकायों के साथ मिलकर किया है। सितंबर 2020 से जुलाई 2021 के दौरान इसकी टेस्टिंग की गई। इसके बाद रिजर्व बैंक ने 6 अगस्त को इससे जुड़ी पायलट स्कीम को मंजूरी दी थी।
बिना इंटरनेट पैसे होंगे ट्रांसफर
आरबीआई के इस प्रोजेक्ट के जरिए बिना इंटरनेट के पैसे ट्रांजेक्शन कर सकेंगे। ऑफलाइन पेमेंट (Offline Payment) के लिए इंटरनेट या टेलीकॉम कलेक्टिविटी की जरूरत नहीं पड़ेगी। आरबीआई के अनुसार, ऐसे ऑफलाइन डिजिटल पेमेंट को अपनाने के लिए अधिकृत पेमेंट सिस्टम ऑपरेटर्स (PSO) और पेमेंट सिस्टम पार्टिसिपेंट (PSP) को नए गाइडलाइन का पालन करना होगा। आरबीआई ने कहा कि एक समय में ज्यादा से ज्यादा 2000 रुपए तक का पेमेंट इस तरीके से किया जा सकेगा। लिमिट खत्म होने पर ऑनलाइन के जरिए इसको बढ़ाया जा सकता है।
ग्रामीण इलाकों में डिजिटल में आएगी तेजी
आरबीआई के इस नए प्रोजेक्ट से ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल पेमेंट में तेजी आएगी। ग्रामीण इलाकों में आज भी बहुत से लोगों के पास स्मार्टफोन नहीं है। इसके अलावा कई जगह ऐसी भी है जहां नेटवर्क की समस्या रहती है। ऐसी जगह डिजिटल पेमेंट करना बहुत मुश्किल होता है। ऐसे में इस नए प्रोजेक्ट से ग्रामीण इलकों में डिजिटल लेन—देन को बढ़ावा मिलेगा।