
नई दिल्ली। कोरोना काल के दौरान भारत में ऑनलाइन बैंकिंग और लेन-देन का चलन तेज़ी से बढ़ा है। सरकार द्वारा डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने और बैंकों द्वारा अपने ग्राहकों को सरल डिजिटल बैंकिंग सेवाएं देने से पिछले एक साल में भारत में डिजिटल लेन-देन ने तेज़ रफ्तार पकड़ी है। आज लोग घर बैठे किसी को भी रुपये भेज सकते हैं। साथ ही घर बैठे किसी से रुपये ऑनलाइन प्राप्त भी कर सकते हैं।
रुपये के इस डिजिटल लेन-देन के लिए बैंकों की तरफ से कई सेवाएं प्रदान की जाती हैं, जिनकी एक तय लिमिट होती है। यह लिमिट भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) निर्धारित करता है। डिजिटल लेन-देन की एक सेवा का नाम है IMPS सेवा। इसके ज़रिए आसानी से रुपये का तत्काल लेन-देन किया जा सकता है।
RBI की बड़ी घोषणा
आरबीआई (RBI) ने आज 8 अक्टूबर को एक बड़ी घोषणा की है। आरबीआई ने डिजिटल लेन-देन को और सरलता देने के लिए तत्काल भुगतान की सेवा IMPS के ज़रिए होने वाले लेन-देन की प्रतिदिन की लिमिट अब बढ़ा दी है। पहले यह लिमिट 2 लाख रुपये थी जो अब बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी गई है।