Real Estate News: रेरा ने लंबित तिमाही प्रोग्रेस रिपोर्ट नहीं देने वाले बिल्डर्स पर लगने वाली पेनल्टी की लिमिट तय की है। इन्हें अब 3 लाख रुपये से ज्यादा पेनल्टी नहीं देनी होगी।
Real Estate News: जनता को अपने आशियाने के निर्माण और प्रोजेक्ट की स्थिति नहीं बता रहे बिल्डर्स को रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) ने बड़ी राहत दे दी है। ऐसे बिल्डर डवलपर्स को अब अधिकतम 3 लाख रुपए तक की ही पेनल्टी चुकानी होगी। जबकि, पहले इस पर कोई कैपिंग नहीं थी। खास यह भी है कि रेरा ने ऐसे बिल्डर, डवलपर्स को इस वर्ष 31 अक्टूबर की मियाद दी है। इस समय सीमा में भी जो अपनी लंबित तिमाही प्रोग्रेस रिपोर्ट (QPR) दे देगा, उससे बतौर पेनल्टी केवल 2 लाख रुपए ही लिये जाएंगे। भले ही अब तक प्रावधान के अनुसार उसकी पेनल्टी राशि कई गुना हो गई हो।
रेरा का राहत देने के पीछे तर्क है कि कई बिल्डर्स पर लाखों की देरी शुल्क लगने के बावजूद वे क्यूपीआर जमा नहीं करा रहे थे, जिससे खरीदारों को अपने घर के निर्माण की स्थिति की जानकारी नहीं मिल पा रही थी। अब बुकिंगकर्ताओं को अपने प्रोजेक्ट की नियमित प्रोग्रेस रिपोर्ट मिलने की संभावना ज्यादा बढ़ जाएगी। रेरा का यह तर्क बताता है कि पेनल्टी पर लिमिट लगने से ग्राहकों को आसानी होगी।
रेरा प्रबंधन का कहना है कि पेनल्टी की सीमा तय होने से बिल्डर, डवलपर्स पर वित्तीय दबाव कम होगा, जिससे वे लंबित रिपोर्ट समय पर जमा कराने के लिए प्रेरित होंगे। नियमित प्रोग्रेस रिपोर्ट से खरीदारों का भरोसा बढ़ेगा।
यदि कोई प्रमोटर लगातार तिमाही प्रोग्रेस रिपोर्ट नहीं देगा, तो सिस्टम स्वतः ही नॉन- कंप्लायंस (पालना नहीं) की प्रक्रिया शुरू करेगा और प्रोजेक्ट को लैप्स भी घोषित किया जा सकता है।