
Reliance Jio IPO: देश के सबसे बड़े आईपीओ जियो प्लेटफॉर्म्स पर दांव लगाने वाले निवेशकों के लिए अगले कुछ दिन बेहद अहम हैं। करीब 30,213 करोड़ रुपये के इस मेगा इश्यू की बिडिंग विंडो 23 अक्टूबर को बंद हो चुकी है। अब बाजार की नजर 26 अक्टूबर पर टिकी है, जब शेयरों का अलॉटमेंट फाइनल होगा। जिस तरह से संस्थागत और बड़े निवेशकों ने इस इश्यू को हाथों-हाथ लिया है, उससे साफ है कि अलॉटमेंट को लेकर जबरदस्त होड़ रहने वाली है।
ग्रे मार्केट में रिलायंस जियो को लेकर अच्छा उत्साह देखा जा रहा है। इन्वेस्टर गेन के मुताबिक, शनिवार दोपहर कंपनी का शेयर ग्रे मार्केट में करीब 250 रुपये के प्रीमियम पर ट्रेड करता दिखा। अगर 1,119 रुपये के ऊपरी प्राइस बैंड के हिसाब से देखें, तो यह शेयर 1,369 रुपये के आसपास लिस्ट हो सकता है। इसका मतलब है कि निवेशकों को पहले ही दिन करीब 22 फीसदी से ज्यादा का मुनाफा मिल सकता है। हालांकि, ग्रे मार्केट का यह रुख केवल एक अनुमान भर है। जीएमपी लिस्टिंग की गारंटी नहीं देता है।
तीन दिनों की बोली के दौरान इस आईपीओ को कुल 22.19 गुना बोलियां मिलीं। कंपनी ने 19.75 करोड़ शेयर बिक्री के लिए रखे थे, जिसके मुकाबले निवेशकों ने 421.87 करोड़ शेयरों के लिए अर्जी लगा दी। योग्य संस्थागत खरीदारों (QIB) का कोटा 70.55 गुना भरा। गैर-संस्थागत निवेशकों (NII) का हिस्सा 14 गुना सब्सक्राइब हुआ। आम यानी रिटेल निवेशकों का कोटा 2.72 गुना भरा। इसके अलावा कर्मचारियों की कैटेगरी में 2.93 गुना और शेयरधारकों के कोटे में 7.60 गुना आवेदन आए।
26 अक्टूबर 2026 को शेयरों का अलॉटमेंट स्टेटस जारी होगा। 27 अक्टूबर 2026 को जिन्हें शेयर नहीं मिले, उनके रिफंड का काम शुरू हो जाएगा। इसी दिन सफल निवेशकों के डीमैट खाते में शेयर क्रेडिट किए जाएंगे। वहीं, 28 अक्टूबर 2026 को बीएसई और एनएसई पर जियो के शेयर लिस्ट होंगे और ट्रेडिंग शुरू हो जाएगी।
जैसे ही रजिस्ट्रार की तरफ से डेटा लाइव होगा, आप तीन अलग-अलग जगहों पर अपना स्टेटस चेक कर सकते हैं:
(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी मात्र है। यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर मार्केट/म्यूचुअल फंड में निवेश जोखिम भरा होता है। कहीं भी पैसा लगाने से पहले अपने निवेश सलाहकार से परामर्श लें।)