
नई दिल्ली। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ( SBI ) ने जोखिम उठाए बिना ज्यादा पैसा कमाने के इच्छुक ग्राहकों के लिए नई स्कीम की शुरुआत की है। एसबीआई के इस स्कीम का नाम है सेविंग प्लस अकाउंट। यह बचत खाता सामान्य बचत खातों पर बैंक द्वारा दिए जाने वाले 2.7 प्रतिशत वार्षिक रिटर्न से अधिक ब्याज दर प्रदान करता है। सेविंग प्लस अकाउंट मल्टी ऑप्शन डिपॉजिट स्कीम ( एमओडीएस ) से जुड़ा हुआ है।
इसमें बचत बैंक खातों से अधिशेष फंड स्वचालित रूप से 1,000 रुपए के गुणकों में खोले गए सावधि जमा में स्थानांतरित हो जाता है। एमओडी के तहत जमाराशियों की अवधि 1 से 5 वर्ष के बीच होती है। इस स्कीम के बारे में एसबीआई की आधिकारिक वेबसाइट पर डिटेल जानकारी उपलब्ध है।
ये है सेविंग प्लस अकाउंट खासियत
- एमओडी में स्थानांतरण के लिए न्यूनतम सीमा 35 हजार रुपये निर्धारित की गई है। एक बार में एमओडी ट्रांसफर के लिए न्यूनतम राशि 10 हजार रुपए के गुणांक में होनी चाहिए।
- इस अकाउंट के तहत ग्राहकों को प्रति वर्ष 25 चेक लीव बुक फ्री में मिलेगा। उसके बाद के चेकों पर शुल्क देना होगा।
- सामान्य एसबीआई बचत खाते की तरह बचत प्लस खाता भी एटीएम कार्ड, नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग और एसएमएस अलर्ट जैसी कई सेवाओं के साथ आता है।
- ग्राहक अपने MODS खाते पर भी ऋण प्राप्त कर सकते हैं।
- इस प्रकार के खाते में अधिकतम शेष राशि की कोई सीमा नहीं है।
- कोई मासिक औसत शेष खाता नहीं है।
इन ग्राहकों को माना जाएगा स्कीम के लिए योग्य
- वैध केवाईसी दस्तावेजों वाला प्रत्येक व्यक्ति किसी भी शाखा में यह बचत बैंक खाता खोलने के लिए पात्र है।
- इच्छुक ग्राहक इस बचत प्लस खाते को व्यक्तिगत रूप से, संयुक्त रूप से खोल सकते हैं।
- ग्राहकों को यह बताना होगा कि जमाराशियों को खोलने के लिए 'फर्स्ट इन फर्स्ट आउट' या 'लास्ट इन फर्स्ट आउट' रूल्स लागू किया जाना चाहिए या नहीं। यदि वह चुनाव को स्पष्ट नहीं करता है, तो "लास्ट इन फर्स्ट आउट" सिद्धांत लागू किया जाएगा।