
Share Market Fall: यह हफ्ता शेयर बाजार के निवेशकों के लिए काफी भारी रहा। महज चार दिनों में शेयर बाजार में करीब 16.10 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हो गया। यह गिरावट सिर्फ सेंसेक्स या निफ्टी तक सीमित नहीं रही, बल्कि असली मार पड़ी उन छोटे और मझोले शेयरों पर, जिनमें रिटेल निवेशकों का सबसे ज्यादा पैसा लगा होता है। दशहरे की छुट्टी के चलते इस हफ्ते बाजार में सिर्फ 4 दिन ट्रेडिंग हुई और इन 4 दिनों में ही सेंसेक्स 1605 पॉइंट टूट गया। वहीं, निफ्टी में हफ्ते भर में 546 अंक की गिरावट दर्ज हुई है।
हफ्ते भर के सौदों को देखें तो स्मॉलकैप इंडेक्स 7 फीसदी से ज्यादा टूट गया, जबकि मिडकैप में 5.6 फीसदी से ज्यादा की कमजोरी दर्ज की गई। शुक्रवार को हालात इतने खराब थे कि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर हर एक चढ़ने वाले शेयर के बदले चार शेयर नीचे गिर रहे थे। बाजार में घबराहट का पैमाना यानी ' India VIX' लगातार पांचवें दिन ऊपर चढ़ा, जो साफ इशारा कर रहा था कि ट्रेडर्स में डर गहरा चुका है। हालांकि, शुक्रवार के कारोबार में बाजार बंद होते-होते भारी रिकवरी आई। सेंसेक्स शुक्रवार को 125 पॉइंट टूटकर 73,123 पर और निफ्टी-50 87 अंक टूटकर 22,600 पर बंद हुआ था।
इस हफ्ते बाजार में चौतरफा मार पड़ी। सबसे बुरा हाल केमिकल्स (7.2% की गिरावट) और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (6.4% की गिरावट) का रहा। मेटल, रियल्टी, मीडिया और एफएमसीजी सेक्टर भी 4 से 5 फीसदी तक टूट गए। बैंकिंग और ऑटोमोबाइल शेयरों पर भी लगातार दबाव दिखा। राहत की सांस केवल आईटी सेक्टर ने ली, जहां हल्की बढ़त देखने को मिली और इंडेक्स 0.2 फीसदी चढ़कर बंद हुआ।
सेबी रजिस्टर्ड निवेश सलाहकार डॉ रवि सिंह के अनुसार, निफ्टी के लिए 22,370 से 22,470 का स्तर एक मजबूत सपोर्ट का काम करेगा, जबकि ऊपर की ओर 22,650 से 22,780 तक रेजिस्टेंस देखने को मिल सकता है। आमतौर पर 200-वीक मूविंग एवरेज यानी 22,650 के नीचे की क्लोजिंग को कमजोर माना जाता है। वहीं, बैंक निफ्टी के लिए 53,800 से 54,070 का दायरा अहम सपोर्ट है। डॉ सिंह के अनुसार वीकेंड में क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट आती है, तो सोमवार को बाजार बढ़त के साथ ओपन हो सकता है।
(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी मात्र है। यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर मार्केट/म्यूचुअल फंड में निवेश जोखिम भरा होता है। कहीं भी पैसा लगाने से पहले अपने निवेश सलाहकार से परामर्श लें।)