
Share Market Crash: भारतीय शेयर बाजार आज गुरुवार को जबरदस्त गिरावट के साथ खुला है। अमेरिका द्वारा भारत पर 25% टैरिफ लगाने का सीधा असर बाजार पर दिख रहा है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक सेंसेक्स आज 786 अंक की गिरावट के साथ 80,695.50 पर खुला है। शुरुआती कारोबार में भी यह 506 अंक गिरकर 80,975 पर ट्रेड करता दिखाई दिया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक निफ्टी 0.84 फीसदी या 208 अंक की भारी गिरावट के साथ 24,646 पर ट्रेड करता दिखाई दिया।
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स पैक के 30 शेयरों में से 25 शेयर लाल निशान पर और 4 शेयर हरे निशान पर ट्रेड करते दिखे। सबसे अधिक गिरावट महिंद्रा एंड महिंद्रा में 1.66 फीसदी, रिलायंस में 1.37 फीसदी, भारती एयरटेल में 1.32 फीसदी, इन्फोसिस में 1.22 फीसदी, एचसीएल टेक में 1.14 फीसदी देखने को मिली। इसके अलावा, बजाज फाइनेंस, टाइटन, आईसीआईसीआई बैंक, एसबीआई, टीसीएस, मारुति, टेक महिंद्रा, ट्रेंट, एक्सिस बैंक, लार्सन एंड टुब्रो, टाटा मोटर्स, कोटक बैंक, बीईएल, एनटीपीसी, सनफार्मा, बजाज फिनसर्व, अडानी पोर्ट्स, एचडीएफसी बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट और एशियन पेंट के शेयर में गिरावट देखने को मिली। इससे इतर इटरनल, पावरग्रिड, टाटा स्टील, एचयूएल और आईटीसी का शेयर हरे निशान पर ट्रेड करता दिखा।
शुरुआती कारोबार में आज सभी सेक्टर्स में बिकवाली देखने को मिली है। सबसे अधिक गिरावट निफ्टी मिडस्मॉल आईटी एंड टेलीकॉम में 1.70 फीसदी देखने को मिली। इसके अलावा, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 1.03 फीसदी, निफ्टी ऑटो में 1.18 फीसदी, निफ्टी एफएमसीजी में 0.09 फीसदी, निफ्टी आईटी में 0.77 फीसदी, निफ्टी मीडिया में 0.17 फीसदी, निफ्टी मेटल में 0.61 फीसदी, निफ्टी फार्मा में 0.79 फीसदी, निफ्टी पीएसयू बैंक में 0.87 फीसदी, निफ्टी प्राइवेट बैंक में 0.57 फीसदी, निफ्टी रियल्टी में 0.83 फीसदी, निफ्टी हेल्थकेयर इंडेक्स में 0.66 फीसदी और निफ्टी ऑयल एंड गैस में 1.62 फीसदी की गिरावट देखने को मिली।
-अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को भारत पर 1 अगस्त से 25 फीसदी टैरिफ लगाने की घोषणा की। ट्रंप ने कहा कि भारत रूस से हथियार और तेल खरीदता है, इसलिए जुर्माना भी चुकाना होगा। ट्रंप की इस घोषणा से निवेशक डरे हुए हैं और मार्केट में बिकवाली कर रहे हैं।
-अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने अपनी बैठक में रेट कट को लेकर कोई संकेत नहीं दिए हैं। कुछ एक्सपर्ट्स के अनुसार, एक या दो तिमाही के बाद रेट कट शुरू हो सकता है। रेट कट के संकेत नहीं मिलने से निवेशकों में निराशा है।