HSBC की ताजा रिपोर्ट कहती है कि चांदी हालिया तेजी अब कमजोर पड़ रही है। बैंक ने चेतावनी दी है कि बढ़ती अस्थिरता के बीच कीमतों में उठा-पटक रहेगी।
चांदी की कीमतों में लगातार दो दिनों से भारी गिरावट देखने को मिल रही है। चांदी की कीमतें आज यानी 8 जनवरी, 2026 को 10,000 रुपये प्रति किलो टूट गईं। 7 जनवरी को भी MCX पर चांदी वायदा 8,200 रुपये प्रति किलो टूटा था. 7 जनवरी को चांदी वायदा 2,50,605 पर बंद हुआ था। आज भी बाजार खुलने के थोड़ी देर बाद तकरीबन 11:15 बजे ये 2,40,605 रुपये प्रति किलो तक फिसल गया।
MCX पर चांदी वायदा बीते दो दिनों में 18,000 रुपये से भी ज्यादा टूट चुका है। चांदी वायदा ने 7 जनवरी को ही 2,59,692 रुपये प्रति किलो का नया लाइफ टाइम हाई बनाया था। फिलहाल चांदी वायदा आज के निचले स्तर से हल्का रिकवर होकर 7,800 रुपये की कमजोरी के साथ 2,42,700 के ऊपर ट्रेड कर रहा है।
दिसंबर 2025 में रिकॉर्ड रैली के बाद अब चांदी में भारी गिरावट देखने को मिल रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में उस समय तंग सप्लाई की वजह से चांदी ने ऑल-टाइम हाई 83.60 डॉलर प्रति आउंस का स्तर छुआ था। हालांकि, HSBC की ताजा रिपोर्ट कहती है कि चांदी हालिया तेजी अब कमजोर पड़ रही है। बैंक ने चेतावनी दी है कि बढ़ती अस्थिरता के बीच कीमतों में उठा-पटक है।
HSBC बैंक ने 2026 के लिए औसत कीमत का अनुमान बढ़ाकर 68.25 डॉलर प्रति आउंस कर दिया है, जो पहले के 44.50 डॉलर प्रति आउंस के अनुमान से काफी ऊपर है, लेकिन 2027 में कीमतों में बड़ी गिरावट की भी आशंका है। जो कि 57 डॉलर प्रति आउंस तक है। 2029 तक कीमतें और नरम होकर USD 47 डॉलर के आसपास रह सकती हैं। कमजोर पड़े अमेरिकी डॉलर और संस्थागत खरीदारी से सपोर्ट मिलने के बावजूद, HSBC ने चेतावनी दी है कि इंडस्ट्रियल डिमांड कमजोर पड़ रही है, जबकि ऊंची कीमतों की वजह से ज्वेलरी खरीदारी भी सुस्त बनी हुई है।
ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक पैसिव ट्रैकिंग फंड्स गुरुवार, 9 जनवरी 2026 से सोने और चांदी के फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट्स बेचना शुरू कर रहे हैं। यह इंडेक्स की नई वेटिंग्स से मैच करने के लिए है, जो कि एक रूटीन प्रोसेस जो हर साल जनवरी में होता है।