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Silver Price Crash: चांदी में बड़ी मंदी के संकेत! सिल्वर ETF 20% हुआ क्रैश, निवेशकों को तगड़ा नुकसान

Silver Price Crash: सिल्वर ईटीएफ में गुरुवार सुबह जबरदस्त गिरावट देखने को मिली है। ये 20% तक टूट गए और प्रीमियम से डिस्काउंट में आ गये हैं।

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Jan 22, 2026
सिल्वर ईटीएफ में भारी गिरावट आई है। (PC: AI)

Silver Price Crash: गुरुवार को भारतीय सिल्वर एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ETFs) में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली है। गुरुवार सुबह सिल्वर ईटीएफ 20 फीसदी तक टूट गए। कीमती धातुओं में बढ़ी हुई अस्थिरता के बीच निवेशकों के बिकवाली करने से यह गिरावट आई है। निप्पॉन इंडिया सिल्वर ETF, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल सिल्वर ETF और कोटक सिल्वर ETF सुबह के कारोबार में 19–20% तक लुढ़क गए। ये अपने इंडिकेटिव नेट एसेट वैल्यू (iNAV) से भी नीचे आ गए। इससे ETFs का प्रीमियम तो खत्म हुआ ही, बल्कि वह डिस्काउंट में बदल गया। ऐसे में सिल्वर ईटीएफ के निवेशकों को जबरदस्त झटका लगा है।

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चांदी की कीमतों में भी बड़ी गिरावट

चांदी की घरेलू वायदा कीमतों में भी आज गुरुवार को भारी गिरावट देखी गई है। घरेलू वायदा बाजार में चांदी शुरुआती कारोबार में 12,000 रुपये से ज्यादा लुढ़क गई। एमसीएक्स एक्सचेंज पर गुरुवार सुबह चांदी का भाव 4 फीसदी या 12,739 रुपये की जबरदस्त गिरावट के साथ 3,05,753 रुपये प्रति किलोग्राम पर ट्रेड करता दिखाई दिया। हालांकि, बाद में कीमतों में कुछ रिकवरी आई। वहीं, वैश्विक स्तर पर चांदी की कीमतें स्टेबल देखने को मिलीं। वैश्विक स्पॉट सिल्वर 92.27 डॉलर प्रति औंस पर लगभग स्थिर रही।

निवेशकों में डर

सिल्वर ETF में आज आई भारी गिरावट ने निवेशकों को डरा दिया है। यह दिखाता है कि यहां कितनी ज्यादा अस्थिरता हो सकती है। इनके नेट एसेट वैल्यू कभी-कभी अपने iNAV के मुकाबले असामान्य रूप से ऊंचे प्रीमियम या भारी डिस्काउंट पर ट्रेड करने लगते हैं। ये फंड दोनों दिशाओं में जोरदार उतार-चढ़ाव के लिए जाने जाते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस काफी ज्यादा उतार-चढ़ाव वाले मार्केट में इस समय नई पोजीशन लेने से बचना चाहिए और बाजार में कुछ स्टेबिलिटी आने का इंतजार करना चाहिए।

PC: Pixabay

क्यों गिरी चांदी?

भू-राजनीतिक तनाव में कमी, डॉलर में मजबूती और उच्च स्तरों से मुनाफावसूली के चलते कीमतों में रिकॉर्ड उंचाई से काफी गिरावट देखने को मिली है। डॉलर मजबूत होने से निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता बढ़ी है, इससे सेफ हैवन एसेट्स की डिमांड कम हुई है। उधर डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोपीय देशों पर टैरिफ की धमकी वापस ले ली है। साथ ही ग्रीनलैंड को लेकर सैन्य बल के इस्तेमाल से भी इनकार किया है।

हालांकि, 'सेल अमेरिका ट्रेड' जैसे पश्चिमी नीतिगत रुझानों से जुड़ी वैश्विक अनिश्चितता सोने-चांदी में सेफ हैवन खरीदारी को सपोर्ट देती रह सकती है। कई एक्सपर्ट्स अभी भी चांदी में तेजी का रुख जारी रहने की बात कह रहे हैं।

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