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Stock Market Crash: बाजार में आज करीब 4 लाख करोड़ का नुकसान, सेंसेक्स 876 पॉइंट गिरकर हुआ बंद, जानिए इस मंदी के 4 बड़े कारण

Stock Market Today: भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को बैंकिंग शेयरों की बिकवाली, महंगे कच्चे तेल, कमजोर वैश्विक संकेतों और मुनाफावसूली के कारण तेज गिरावट आई। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, आगे बाजार की चाल कच्चे तेल, विदेशी निवेश और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर निर्भर करेगी।
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Oct 19, 2026
Stock Market Today
शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ है। (PC: AI)

Why Share Market Fall Today: भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को जोरदार बिकवाली देखने को मिली। बैंकिंग शेयरों में गिरावट, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने बाजार का मूड बिगाड़ दिया। कारोबार के दौरान बीएसई सेंसेक्स 1,000 अंक से ज्यादा टूट गया था। यह 1.17 फीसदी या 876 अंक की गिरावट के साथ 73,852 पर बंद हुआ है। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक निफ्टी आज 1.11 फीसदी या 257 अंक की गिरावट के साथ 22,888 पर बंद हुआ है। आइए जानते हैं कि मार्केट में आज की गिरावट के बड़े कारण कौन-से हैं:

कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने बढ़ाई चिंता

कच्चे तेल की कीमतें भी बाजार के लिए परेशानी बनी हुई हैं। सोमवार को ब्रेंट क्रूड 107 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना हुआ था। अमेरिकी कच्चा तेल यानी WTI भी 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास ट्रेड कर रहा था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से रूस पर लगाए गए व्यापक प्रतिबंधों में छूट देने के फैसले के बाद तेल की कीमतों में कुछ नरमी आई। हालांकि, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि इस छूट के आर्थिक असर का आकलन करने में राष्ट्रपति को 60 दिन तक लग सकते हैं। इससे पहले मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और समुद्री रास्तों की सुरक्षा को लेकर चिंताओं के कारण ब्रेंट क्रूड पिछले सप्ताह 110 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया था। महंगा कच्चा तेल भारत जैसे आयात पर निर्भर देशों के लिए चिंता का विषय है। इससे देश का आयात बिल बढ़ सकता है, महंगाई पर दबाव आ सकता है और कंपनियों की लागत बढ़ सकती है। इसका असर शेयर बाजार के निवेशकों की धारणा पर भी पड़ता है।

पिछले दो सत्रों की तेजी के बाद मुनाफावसूली

शेयर बाजार में गिरावट की एक वजह मुनाफावसूली भी रही। इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में बाजार ने अच्छी बढ़त हासिल की थी। गुरुवार और शुक्रवार के दौरान निफ्टी में 2% से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई थी। ऐसे में कुछ निवेशकों ने ऊंचे स्तरों पर शेयर बेचकर मुनाफा निकालना बेहतर समझा। मंगलवार को बाजार की छुट्टी होने और साप्ताहिक एक्सपायरी से पहले कारोबार में उतार-चढ़ाव की आशंका ने भी निवेशकों को सतर्क रखा। जब बाजार तेजी के बाद ऊंचे स्तर पर पहुंचता है, तो मुनाफावसूली के कारण कुछ समय के लिए गिरावट आना सामान्य बात है। हालांकि, इससे बाजार की आगे की दिशा तय नहीं हो जाती।

PC: BSE

विदेशी निवेशकों की बिकवाली का दबाव

विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII की गतिविधियों पर भी बाजार की नजर बनी हुई है। उपलब्ध शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, विदेशी निवेशकों ने शुक्रवार को भारतीय शेयरों में करीब 1,166 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की थी। लेकिन अक्टूबर में अब तक विदेशी निवेशक ज्यादातर कारोबारी सत्रों में भारतीय शेयरों के शुद्ध विक्रेता रहे हैं। 11 में से 9 सत्रों में उनकी शुद्ध बिकवाली देखने को मिली। विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली से बाजार में उपलब्ध नकदी और निवेशकों के भरोसे पर असर पड़ सकता है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और वैश्विक अनिश्चितता इस दबाव को और बढ़ा सकती हैं।

प्राइवेट बैंकों के शेयरों में बिकवाली

बाजार में गिरावट की बड़ी वजह बैंकिंग शेयरों में कमजोरी रही। दूसरी तिमाही के नतीजों से निवेशक पूरी तरह संतुष्ट नहीं दिखे। इसके चलते एक्सिस बैंक और एचडीएफसी बैंक जैसे बड़े शेयरों में बिकवाली ज्यादा देखने को मिली। एक्सिस बैंक का दूसरी तिमाही में स्टैंडअलोन शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 38% बढ़कर 7,003 करोड़ रुपये रहा। हालांकि, कंपनी का मुनाफा विश्लेषकों की उम्मीदों से कम रहा। इसके बाद शेयर में तेज गिरावट देखने को मिली। एचडीएफसी बैंक ने दूसरी तिमाही में 19,510 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया। पिछले साल की समान अवधि में यह 18,641 करोड़ रुपये था। यानी मुनाफे में 4.6% की बढ़ोतरी हुई। इसके बावजूद शेयर में बिकवाली का दबाव बना रहा।

(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी मात्र है। यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर मार्केट/म्यूचुअल फंड में निवेश जोखिम भरा होता है। कहीं भी पैसा लगाने से पहले अपने निवेश सलाहकार से परामर्श लें।)

Updated on:
19 Oct 2026 03:57 pm
Published on:
19 Oct 2026 03:34 pm